चिदंबरम के खिलाफ़ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाएगी भाजपा

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Image caption चिंदबरम के बारे में ख़बर आने के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल ने मुक़दमा वापस लेने का आदेश वापस ले लिया था

भाजपा ने मंगलवार को ग्रह मंत्री पी चिदंबरम पर सदन का अनादर करने के आरोप में उनके खिलाफ़ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने का फैसला किया है. यह मामला उनके कथित तौर पर स्थानीय होटल मालिक को मद्द पहुँचाने के विवाद पर दिए गए बयान से जुड़ा है.

एलके आडवाणी की अध्यक्षता में हुई भाजपा के संसदीय दल की बैठक में यह फैसला लिया गया.

विपक्ष के दोनों नेता सुषमा स्वराज और अरुण जेटली और दूसरे वरिष्ठ नेता इस बैठक में मौजूद थे.

चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने एक होटल के मालिक और अपने पुराने मुअक्किल की धोखाधड़ी और जालसाज़ी के मुकदमे वापस लेने में मदद की थी.

गृह मंत्री ने इन सभी आरोपों को खारिज़ किया था.

'ठीक नहीं'

भाजपा के नेता एसएस अहलूवालिया ने कहा, ''चिदंबरम ने मीडिया से सदन से बाहर उस वक्त बात की है जब सदन की कार्यवाई चल रही है. सदन में बयान देने के बजाय नोटिस देने के बाद उन्होंने मीडिया से बात करने का फैसला किया. यह सदन का अपमान है. यशवंत सिन्हा उनके खिलाफ़ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाए हैं.''

उन्होंने कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का रूस से वापिस आते हुए मीडिया से बातचीत में चिदंबरम को निर्दोष करार देना भी सही नहीं पाया.

उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री ने भी उन्हें क्लीन चिट दे दी है. यह ठीक नहीं है. सदन फैसला करेगा क्या सही है और क्या नहीं. सभी दस्तावेज़ों को सदन में रखा जाना चाहिए. बहस की जानी चाहिए और फिर सदन फैसला करेगी कि क्या सही है और क्या नहीं. सदन की कार्यवाही के दौरान इस तरह के बयान देना ठीक नहीं है. यह सदन का अपमान है.''

मॉस्को से आते समय मनमोहन सिंह चिदंबरम की निंदा को खारिज़ किया था.

उन्होंने कहा था कि चिदंबरम का 'बयान सब के सामने है और उन्होंने कहा था कि वह किसी भी ऐसे आरोप के दोषी नहीं हैं जो उन पर लगाए जा रहे हैं.'

लेकिन विपक्ष इस मामले को लेकर एक बार फिर चिदंबरम के इस्तीफ़े की मांग कर रहा है.

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