अन्ना की सोनिया को आमने-सामने बहस की चुनौती

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Image caption अन्ना हज़ारे ने सोनिया गांधी को लोकपाल बिल पर सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है.

सरकार के लोकपाल बिल को ख़ारिज करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने सोनिया गांधी को एक सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है.

लोकसभा में लोकपाल विधेयक पेश होने के तुरंत बाद गुरुवार को रालेगान सिद्धि में अन्ना हज़ारे ने पत्रकारों को बताया कि सीबीआई का नियंत्रण लोकपाल के पास ना होने की वजह से ये बिल बहुत ही ‘कमज़ोर और बेकार’ है.

सोनिया गांधी को बहस के लिए चुनौती देते हुए अन्ना हज़ारे ने कहा, “सोनिया गांधी कहती हैं कि बिल मज़बूत है. अगर ऐसा है तो वो मीडिया के सामने इसपर हम सें बहस करें. लोग फ़ैसला करेंगे. आमने-सामने बहस होनी चाहिए. अगर ये मज़बूत बिल है तो लोगों को यक़ीन दिलाइए. हम बताएंगे कि कैसे ये बिल मज़बूत नहीं है. इस विधेयक में क्या सही है और क्या ग़लत उसके बारे में खुली बहस हो. ”

अन्ना हज़ारे सोनिया गांधी के कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया दे रहे थे, जिसमें सोनिया गांधी ने कहा था कि प्रस्तावित बिल मज़बूत है और वो उसके हक़ संघर्ष करने के लिए तैयार हैं.

लोकपाल पर लड़ाई के लिए तैयार: सोनिया गांधी

सरकार पर हमला तेज़ करते हुए अन्ना हज़ारे ने कहा कि वो मुंबई में 27 दिसंबर से तीन दिन के अनशन के बाद दिल्ली में जेल भरो आंदोलन में हिस्सा लेने जाएंगे.

उन्होंने कहा कि दिल्ली में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया जाएगा.

उधर अरविंद केजरीवाल ने लोकसभा में पेश बिल को ‘लोगों के विरुद्ध और ख़तरनाक’ बताते हुए कहा है कि वर्तमान मसौदा तो अगस्त में पेश किए गए बिल से भी कमज़ोर है.