नहीं पारित हो पाया लोकपाल बिल

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गुरुवार आधी रात को राज्यसभा में हुए नाटकीय घटनाक्रम में लोकपाल बिल पर वोटिंग नहीं हो पाई और कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई और इस तरह लोकपाल बिल शीतकालीन सत्र में पारित नहीं हो सका.

विपक्ष ने सरकार के रुख़ की तीखी आलोचना की है जबकि सरकार ने विपक्ष पर असहयोग का आरोप लगाया है.

देर रात तक चली कार्यवाही में कई विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे देर तक बैठने के लिए तैयार हैं. लेकिन क़रीब साढ़े ग्यारह बजे हंगामे के बीच राज्यसभा चेयरमैन हामिद अंसारी ने कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी.

सदन की कार्रवाही दोबारा शुरू होने के बाद हंगामा जारी रहा. कुछ समय बाद चेयरमैन ने कहा कि इस तरह शोर शराबे के बीच काम नहीं हो सकता और कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. इस दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी राज्यसभा में मौजूद थे.

गुरुवार को दिनभर राजनीतिक सरगर्मी तेज़ रही. सुबह राज्यसभा में शुरु हुई बहस मध्यरात्रि तक चलती रही. दिन भर अटकलें लगाई जाती रहीं कि क्या सरकार वोटिंग कराएगी या नहीं.

तीखी बहस

राज्यसभा में लोकपाल बिल पारित होने को लेकर पहले से ही अनिश्चितता का माहौल था क्योंकि सरकार के पास पर्याप्त संख्याबल नहीं था.

अपने सहयोगी दल तृणमूल कांग्रेस को मनाने में भी कांग्रेस नाकाम रही. तृणमूल बिल में लोकायुक्त के प्रावधान को लेकर संशोधन लाना चाहती थी.

दिन में सरकार समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के रुख़ पर नज़रें गड़ाई हुए थीं कि शायद वो उसकी मदद करें. लेकिन एक तरह से सरकार को न सहयोगियों का साथ मिला और न विरोधियों का.

रात को हंगामा तब तेज़ हुआ जब आरजेडी के सांसद राजनीति प्रसाद ने आकर बिल की कॉपी फाड़ दी.

इस दौरान आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव गैलेरी से घटनाक्रम देख रहे थे.

संसद का सत्र 29 दिसंबर मध्यरात्रि को ख़त्म होना था. लेकिन देर रात तक राज्यसभा में हंगामा होता रहा. जबकि भाजपा और वामपंथी नेता बार-बार चेयरमैन से पूछते रहे कि जब रात के 12 बजेंगे तो क्या होगा.

इस बीच 12 बजने में 10 मिनट बाक़ी था तब संसदीय कार्यमंत्री पवन कुमार बंसल ने कहा कि कई सदस्यों ने संशोधन प्रस्ताव दिए हैं और इतने कम समय में सब काम पूरा करना संभव नहीं है.

सदन में हंगामे और शोरशराबे के बीच अचानक हामिद अंसारी ने घोषणा कर दी कि कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित की जाती है.ऐसे में लोकपाल बिल फिर से अधर में लटक गया है.

इससे पहले दिन में बहस की शुरूआत के दौरान कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और भाजपा नेता अरुण जेटली के बीच तीखी बहस हुई. सिंघवी ने लोकपाल पर भाजपा के विरोध का कारण आने वाला चुनाव बताया जबकि जेटली ने कहा कि मौजूदा लोकपाल विधेयक में बहुत सी ख़ामियां हैं और भाजपा इसका समर्थन नहीं कर सकती.

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