'ईमानदार सरकार' देने का प्रयास करेंगे: मनमोहन

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Image caption प्रधानमंत्री ने कहा कि वह चाहते हैं कि नए साल में प्रवेश करते हुए जनता देश के सामने आने वाली चुनौतियों को समझे.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि वे निजी तौर पर कोशिश करेंगे कि वह ईमानदार और प्रभावशाली सरकार दे पाएं.

नववर्ष की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम जारी संदेश में उन्होंने कहा कि वह ज़्यादा उपयोगी, प्रतिस्पर्धात्मक और मज़बूत अर्थव्यवस्था, न्यायिक और राजनीतिक स्थितरता प्रदान करने का भी प्रयास करेंगे.

आठ पृष्ठ के एक बयान के रूप में जारी इस संदेश में प्रधानमंत्री ने सरकार की भावी दिशा के बारे में संकेत दिया गया है.

उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि नए साल में प्रवेश करते हुए जनता देश के सामने आने वाली चुनौतियों को समझे.

प्रधानमंत्री ने देश के सामने आने वाली पाँच अहम चुनौतियों का ज़िक्र किया है जिन्हें वह प्राथमिकता देंगे.

इनमें रोज़मर्रा की सुरक्षा (शिक्षा, खाद्य पदार्थ, स्वास्थ्य और रोज़गार), आर्थिक सुरक्षा, उर्जा सुरक्षा, पर्यावरण सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि वे इन चुनौतियों से जूझने के लिए अपनी पूरी ताकत से काम करेंगे.

'प्रभावी लोकपाल बनाएंगे'

मनमोहन सिंह ने कहा, ''मुझे विश्वास है कि हमने उसकी तुलना में अधिक विकास किया है जितना कि आम तौर पर माना जाता है.''

उन्होंने कहा, ''मुझे निजी तौर पर खुशी है कि सरकार खाद्य सुरक्षा बिल तथा लोकपाल और लोकायुक्त बिल को सदन में प्रस्तुत कर पाई.''

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश लोकपाल बिल को राज्य सभा में पारित नहीं किया जा सका लेकिन सरकार एक प्रभावी लोकपाल कानून बनाने के लिए वचनबद्ध है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार को ख़त्म करना बहुत जरूरी है और हर कदम पर इसका सामना कर रहे आम आदमी की यह माँग भी है.

उन्होंने कहा, ''लोकपाल और लोकायुक्त जैसी संस्थाएं इसके समाधान का अहम हिस्सा हैं और हमने इन्हें स्थापित करने का काम शुरु कर दिया है.''

उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकारी प्रणाली में ऐसे सुधारों की भी आवश्यकता है जिनसे सरकार की पारदर्शिता को बढा़या जाए और उसके अधिकारों को कम से कम किया जाए.

उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार ने सिटिज़न चार्टर और न्यायिक जवाबदेही बिल सदन में पेश किए हैं.

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