राजस्थान में डॉक्टरों की हड़ताल ख़त्म

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Image caption राजस्थान में डॉक्टर 21 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है (फ़ाईल फ़ोटो)

राजस्थान में डॉक्टरों की 11 दिन से जारी हड़ताल समाप्त हो गई है.

राज्य सरकार के हडताली चिकित्सकों पर रेस्मा हटाने तथा गिरफ़्तार चिकित्सकों की रिहाई के बाद डाक्टरों ने काम पर लौटने की औपचारिक घोषणा की.

इससे पहले राजस्थान सरकार ने शनिवार की देर रात हड़ताली डॉक्टरों को नए साल का तोहफा देते हुए राज्य में अत्यावश्यक सेवाएं अनुरक्षण अधिनियम रेस्मा हटाने की घोषणा की थी.

हड़ताल के दौरान गिरफ़्तार किए गए डॉक्टरों को रिहा करने के भी आदेश जारी कर दिए गए हैं,

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डॉक्टरों की मांगों और उनके अन्य मुद्दों को सुलझाने के लिए पांच मंत्रियों की समिति बनाई है.

समिति का गठन

ये समिति हड़ताल के दौरान बर्खास्त किये गए डॉक्टरों के मामलों को भी देखेगी. मुख्यमंत्री के इस फैसले को नए साल के तोहफे के रूप में देखा जा रहा है.

पांच मंत्रियों की समिति में डॉक्टर जितेन्द्रसिंह, दुर्रु मियां, राजेंद्र पारीक, डॉक्टर राजकुमार शर्मा और वीरेंद्र बेनीवाल हैं.

मुख्यमंत्री ने शाम को चिकित्सा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की.

"काम पर लौटे डॉक्टर"

सरकार ने कहा था कि शनिवार शाम तक 650 से अधिक डॉक्टर काम पर लौट आए है और इन्हें मिलाकर अब तक काम पर लौटने वाले डॉक्टरों की संख्या 4500 से ज़्यादा हो गई है.

अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉक्टर जीडी महेश्वरी ने सरकार के रेस्मा हटाने और गिरफ़्तार डॉक्टरों को रिहा करने का स्वागत किया है.

इससे पहले, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि अगर राजस्थान सरकार और डॉक्टरों के बीच चल रहा गतिरोध जल्द ख़त्म नही हुआ तो इसका असर दूसरे राज्यों में भी देखा जा सकता है.

राजस्थान में डॉक्टरों की हड़ताल का शनिवार को 11वां दिन था.

राजस्थान में डॉक्टर वेतन बढ़ाए जाए और समय से पदोन्नति के दिए जाने की मांग को लेकर 21 दिसंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे.

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