चिदंबरम के खिलाफ़ स्वामी ने जमा कराए दस्तावेज़

सुब्रमण्‍यम स्‍वामी
Image caption सुब्रमण्‍यम स्‍वामी की मांग है कि चिदंबरम को भी 2जी मामले में सह अभियुक्त बनाया जाए

जनता पार्टी के अध्‍यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में 2जी मामले के तहत गृह मंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ़ महत्वपूर्ण साक्ष्य जमा कर दिए हैं.

स्वामी ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि अदालत ने उनके दस्तावेज़ों को सबूत के तौर पर स्वीकार कर लिया है. अदालत ने इस मामले पर सुनवाई 21 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है. अगली सुनवाई में स्वामी अपना पक्ष रखेंगे.

स्वामी का आरोप है कि वित्त मंत्री रहते हुए पी चिदंबरम ने तत्कालीन संचार मंत्री ए राजा के साथ मिलकर मोबाइल सेवा कंपनी स्वान टेलिकॉम और यूनीटेक को 2जी लाइसेंस दिलाने में मदद की.

पिछले साल दिल्ली की एक अदालत में दिए अपने एक अर्ज़ी में स्वामी ने कहा, ''इन अभियोगों के लिए अकेले ए राजा को दोषी नहीं ठहराया जा सकता. क्योंकि ए राजा ने इस अपराध को अंजाम अकेले नहीं दिया है बल्कि इसमें गृहमंत्री पी चिदंबरम की भी सक्रिय भागेदारी थी.''

सुब्रह्मण्यम स्वामी की मांग है कि चिदंबरम को भी इस मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के साथ सह अभियुक्त बनाया जाए.

तर्क

सुब्रह्मण्यम स्वामी आरोप लगाते आए हैं कि स्पैक्ट्रम की कीमतें निर्धारित करने का फ़ैसला गृह मंत्री पी चिदंबरम ने पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के साथ मिलकर लिया था.

गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ए राजा पर अभियोग हैं कि उन्होंने 2जी स्पैक्ट्रम आवंटन में धांधली की थी.

स्वामी का कहना है कि साल 2003 में कैबिनेट के फ़ैसले के अनुसार स्पेक्ट्रम के दाम तय करने की संयुक्त ज़िम्मेदारी तब के वित्त मंत्री पी चिदंवरम और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा को दी गई थी.

सुब्रह्मण्यम स्वामी के मुताबिक़ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 24 फरवरी 2011 को राज्यसभा में कहा था कि स्पेक्ट्रम की क़ीमत साल 2003 के कैबिनेट फ़ैसले के आधार पर निर्धारित किए गए थे और इसी कैबिनेट फ़ैसले में ये स्पष्ट किया गया था कि दाम वित्त मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय मिलकर तय करेगा.

अदालत ने आठ दिसंबर को कहा था कि सुब्रमण्यम स्वामी गवाही से पहले इस मामले में पुख्ता साक्ष्य पेश करें.

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