अन्ना को अस्पताल से छुट्टी, बोले 'लड़ाई जारी रहेगी'

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Image caption अन्ना हजारे को आराम की सलाह दी गई है

समाजसेवी अन्ना हज़ारे को रविवार सुबह अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ आंदोलन चला रहे अन्ना हज़ारे को छाती में जकड़न और खांसी की शिकायत के बाद 31 दिसबंर की रात पुणे के संचेती अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

अन्ना हज़ारे पुणे से सीधे अपने गांव रालेगण सिद्धि के लिए रवाना हो गए हैं जहां वो आराम करेंगे.

संचेती अस्पताल के डॉक्टर पराग संचेती का कहना है कि अन्ना हज़ारे को आराम की सलाह दी गई है और उन्हें आने वाले कम से कम महीने भर किसी भी तरह का अनशन या भूख हड़ताल नहीं करना चाहिए.

अस्पताल से बाहर आने के बाद 74 साल के अन्ना हज़ारे ने कहा कि हालांकि उनका स्वास्थ्य बेहतर है लेकिन उन्हें अभी भी चलने में कमज़ोरी महसूस होती है और वह रालेगण जाकर आराम करेंगे.

'लड़नी होगी लड़ाई'

लोकपाल क़ानून को लेकर आंदोलन के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''यह महीने, दो महीने की लड़ाई नहीं है. यह तो कई सालों की लड़ाई है. यह लड़नी पड़ेगी.''

उन्होंने कहा कि पूरी तरह से स्वस्थ होने के बाद वो आंदोलन की आगे की रणनीति पर विचार करेंगे.

उनके निजी सचिव सुरेश पठारे ने बीबीसी से कहा कि अन्ना हज़ारे रालेगण जाकर दो-तीन सप्ताह आराम करेंगे.

अनशन

सशक्त लोकपाल क़ानून के लिए लड़ाई लड़ रहे अन्ना हज़ारे की तबीयत मुंबई में दिसंबर में किए गए एक अनशन के दौरान ख़राब हो गई थी और उन्हें बीच में ही अनशन समाप्त करना पड़ा था.

अन्ना हज़ारे ने कहा था कि वो आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी के विरूद्ध चुनाव प्रचार करेंगे.

लेकिन पिछले दिनों टीम अन्ना की सदस्य किरण बेदी ने कहा कि अन्ना हज़ारे को आराम की ज़रूरत है और वो न तो चुनाव में प्रचार करेंगे और न ही किसी तरह की यात्रा का जोखिम उठाएंगे.

अन्ना और उनके सहयोगी विधेयक के मौजूदा संस्करण को अर्थहीन बताते आए हैं.

सरकारी लोकपाल बिल को पिछले हफ़्ते लोकसभा में पारित कर दिया गया था, लेकिन राज्यसभा में संशोधनों की मांग के चलते ये अगले सत्र तक के लिए लटक गया है.

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