गुवाहाटी में घुसा तेंदुआ, एक की मौत

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Image caption तेंदुए के हमले में कई लोग घायल हो गए

असम में एक तेंदुए के हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है और कई अन्य घायल हो गए हैं. इस तेंदुए ने गुवाहाटी के अति व्यस्त इलाक़े में लोगों पर हमला किया.

शनिवार को ये तेंदुआ भटककर गुवाहाटी के शिल्पुखुरी इलाक़े में आ गया था. इस तेंदुए ने यहाँ कई लोगों पर हमला किया. इनमें से एक व्यक्ति की बाद में मौत हो गई.

वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक़ अब इस तेंदुए को मानस वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ दिया गया है.

अलगाववादी संगठन उल्फ़ा के हमलों के कारण गुवाहाटी के लोगों के लिए हाल-फ़िलहाल तक बम धमाके और अन्य आतंकवादी हमले आम थे, लेकिन तेंदुए का शहर में खुलेआम घूमना सामान्य नहीं है.

पहली बार इस तेंदुए को शनिवार की सुबह शहर के एक शवदाह गृह के पास देखा गया था. उस समय कांग्रेस पार्टी के एक नेता के बेटे का अंतिम संस्कार हो रहा था. वहाँ बड़ी संख्या में मंत्री और अन्य लोग मौजूद थे.

हमला

पुलिस लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले गई और तेंदुए को खदेड़ दिया गया. लेकिन बाद में ये तेंदुआ शिल्पुखुरी के रिहायशी इलाक़े में आ गया.

संडे इंडियन पत्रिका के फोटोग्राफ़र और प्रत्यक्षदर्शी मानस पारन बताते हैं, "पहले तो इस तेंदुए को कई बहुमंज़िली इमारतों पर कूदते देखा गया और फिर ये ज़मीन पर कूद गया."

स्थानीय लोगों ने लोहे की छड़ और डंडे से इस तेंदुए को खदेड़ने की कोशिश की. मानस पारन के मुताबिक़ इससे नाराज़ तेंदुए ने लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया.

पारन अपनी पत्रिका के लिए इस तेंदुए के पीछे-पीछे लगे रहे ताकि वे उसकी तस्वीर खींच सकें.

पचास वर्षीय देब कुमार दास उन लोगों में से एक थे, जिन पर तेंदुए ने हमला किया. उन्हें सिर, कान और गर्दन पर गंभीर चोटें आई. उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में घर भेज दिया गया. रविवार को उनकी मौत हो गई.

कई अन्य लोगों पर भी इस तेंदुए ने हमला किया. कृपेश डे को भी सर में चोट आई है. कुछ देर तक उधम मचाने के बाद जब ये तेंदुआ एक दूकान में घुसा, तो लोगों ने उसे बंद कर दिया.

सफलता

बाद में वन विभाग के अधिकारी और पशु चिकित्सक मौक़े पर पहुँचे और कुछ देर बाद उन्हें तेंदुए को पकड़ने में सफलता मिली.

गुवाहाटी चिड़ियाघर के प्रमुख उत्पल बोरा ने बताया कि चिड़ियाघर में इलाज के बाद सोमवार को इस तेंदुए को मानस वन्यजीव अभयारण्य में छोड़ दिया गया.

इस घटना से एक बार फिर जीवों और मनुष्यों के बीच टकराव की बात सामने आई है. असम में वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लोग तेंदुओं के प्राकृतिक आवास में अतिक्रमण कर रहे हैं.

तेंदुओं के प्राकृतिक वास के निकट बनने वाले रिहायशी इलाक़े इन हमलों का निशाना बन रहे हैं. पिछले पाँच वर्षों ऐसा दूसरी बार हुआ है कि तेंदुए के हमले में किसी व्यक्ति की मौत हुई है.

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