'एक पार्टी को निशाना बनाने के ख़िलाफ़'

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Image caption प्रशांत भूषण और अरविंद केजरीवाल रालेगण सिद्धि जाएँगे

आने वाले विधानसभा चुनाव में टीम अन्ना का रुख़ क्या होगा, इस पर ग़ाज़ियाबाद में बैठक हुई और ये तय हुआ कि अन्ना हज़ारे ही इस मामले में कोई फ़ैसला करेंगे.

पिछले महीने लोकपाल को लेकर एकाएक आंदोलन रोकने के बाद ये टीम अन्ना की कोर कमेटी की पहली बैठक थी. इस बैठक में अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण के अलावा टीम अन्ना के अन्य सदस्यों ने भी हिस्सा लिया.

इस बैठक में आंदोलन के स्वरूप और उसकी रणनीति पर भी चर्चा हुई. बैठक में ये भी तय हुआ कि मंगलवार को अरविंद केजरीवाल और प्रशांत भूषण रालेगण सिद्धि जाएँगे और बैठक के बारे में अन्ना हज़ारे को अवगत कराएँगे.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि बैठक में शामिल सदस्यों का ये विचार था कि टीम अन्ना को किसी एक पार्टी को निशाना नहीं बनाना चाहिए.

बाद में प्रशांत भूषण ने बताया कि इस बैठक में कई अहम सदस्य हिस्सा नहीं ले पाए थे और वे इस बैठक के बारे में अन्ना हज़ारे और अन्य सदस्यों से चर्चा करेंगे.

फ़ैसला

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Image caption मुंबई में अन्ना के अनशन को ज़्यादा समर्थन नहीं मिला था

उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, "हमने आंदोलन को लेकर कई विचारों पर चर्चा की. हमने आने वाले दिनों के कार्यक्रमों पर भी विचार-विमर्श किया. हमने इस पर भी बातचीत की कि कैसे आंदोलन को आगे बढ़ाया जाए. अभी कोई फ़ैसला नहीं हुआ है, क्योंकि अन्ना और कई अन्य सदस्य इस बैठक में नहीं शामिल हुए."

माना जा रहा है कि अन्ना हज़ारे ही आगे की रणनीति पर आख़िरी फ़ैसला करेंगे.

बीमारी के कारण अन्ना हज़ारे इस बैठक में शामिल नहीं हुए. डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी है और कहा है कि कम से कम एक महीने उन्हें यात्रा नहीं करनी चाहिए.

टीम अन्ना की एक अन्य अहम सदस्य किरण बेदी भी इस बैठक में शामिल नहीं हुई. उन्होंने पीटीआई को बताया कि ज़रूरी निजी व्यस्तता के कारण वे बैठक में शामिल नहीं हुईं. हालाँकि प्रशांत भूषण का कहना था कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है.

पिछले महीने मुंबई में अन्ना हज़ारे के अनशन को अच्छा समर्थन नहीं मिल पाया था, जिस कारण अनशन बीच में ही रोक दिया गया था. साथ ही जेल भरो और घेराव कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए थे.

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