ख़ुर्शीद की घोषणा पर चुनाव आयोग का नोटिस

सलमान ख़ुर्शीद इमेज कॉपीरइट PTI
Image caption सलमान ख़ुर्शीद ने कहा है कि उनकी घोषणा में कोई बुराई नहीं है

मुस्लिम आरक्षण पर अपनी घोषणा से केंद्रीय क़ानून मंत्री सलमान ख़ुर्शीद मुश्किल में पड़ गए हैं. चुनाव आयोग ने सलमान ख़ुर्शीद और फ़र्रुख़ाबाद विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार उनकी पत्नी लुईस ख़ुर्शीद को नोटिस जारी किया है.

भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग से शिकायत की थी कि कांग्रेस के नेता और केंद्रीय मंत्री सलमान ख़ुर्शीद ने पिछड़े मुसलमानों के लिए आरक्षण का वादा करके आचार संहिता का उल्लंघन किया है.

भाजपा उपाध्यक्ष मुख़्तार अब्बास नक़वी की अगुआई में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई क़ुरैशी से मिला.

फ़र्रुख़ाबाद में एक रैली के दौरान सलमान ख़ुर्शीद ने घोषणा की थी कि अगर कांग्रेस उत्तर प्रदेश में सत्ता में आती है, तो पिछड़े मुसलमानों को नौ फ़ीसदी आरक्षण दिया जाएगा.

इस क्षेत्र में सलमान ख़ुर्शीद की पत्नी कांग्रेस की उम्मीदवार हैं. भाजपा का कहना है कि ये असंवैधानिक घोषणा है और आचार संहिता का उल्लंघन भी है.

पत्रकारों के साथ बातचीत में मुख़्तार अब्बास नक़वी ने कहा कि ये कांग्रेस की एक आपराधिक साज़िश है और सांप्रदायिक संघर्ष की ओर बढ़ाया एक ख़तरनाक क़दम है.

आरोप

उन्होंने कहा, "पहले कांग्रेस की अगुआई वाली केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि वो अन्य पिछड़े वर्ग के कोटा में से साढ़े चार प्रतिशत आरक्षण अल्पसंख्यकों को देगी. अब सलमान ख़ुर्शीद का कहना है कि ये नौ फ़ीसदी होगा. ये पिछड़ी जातियों के सम्मान और अधिकार पर हमला है. ये नागरिक युद्ध शुरू करने की एक ख़तरनाक साज़िश है."

भाजपा ने कहा है कि वो 13 जनवरी को उत्तर प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन करेगी.

पार्टी ने सलमान ख़ुर्शीद के उस बयान को ख़ारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राजनीतिक पार्टी को घोषणापत्र जारी करने का अधिकार है और इसलिए इस घोषणा में कोई बुराई नहीं है.

लेकिन मुख़्तार अब्बास नक़वी इससे सहमत नहीं. उन्होंने कहा, "जब घोषणापत्र जारी होता है, तो इसकी एक प्रति चुनाव आयोग को सौंपी जाती है, जो उसकी पड़ताल करके उसे मंज़ूरी देता है. इसके बाद ही उसे जारी किया जा सकता है. अभी तक कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र आयोग को नहीं सौंपा है. इसलिए ये आचार संहिता का उल्लंघन है."

उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस घोषणा से देश का सामाजिक ताना-बाना नष्ट करना चाहती है.

संबंधित समाचार