गुजरात लोकायुक्त की नियुक्ति वैध: हाई कोर्ट

Image caption गुजरात हाई कोर्ट का फ़ैसला मुख्यमंत्री मोदी के लिए नुकसानदेह माना जा रहा है.

गुजरात उच्च न्यायालय ने गुजरात सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें सरकार ने लोकायुक्त की नियुक्ति को चुनौती दी थी.

तीन जजों की खंडपीठ ने सरकार की याचिका निरस्त करते हुए कहा कि रिटायर्ड जज आरए मेहता की लोकायुक्त के तौर पर नियुक्ति बिल्कुल वैध है.

गुजरात में लोकायुक्त का पद 2003 से ही खाली था जिसके बाद पिछले वर्ष अगस्त महीने में राज्यपाल कमला बेनीवाल ने आरए मेहता को लोकायुक्त बनाया था.

मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और राज्यपाल के बीच इस मुद्दे पर काफी मतभेद थे जिसके बाद सरकार ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था.

हाई कोर्ट के दो जजों की बेंच ने भी इस पर अलग-अलग राय दी थी जिसके बाद इसे तीन न्यायाधीशों की खंडपीठ तक भेजा गया.

तीन जजों की पीठ ने एक के मुकाबले दो से सरकार की याचिका को निरस्त कर दिया है.

सरकार की याचिका के ख़िलाफ़ बहस करने वाले वकीलों का कहना था, ‘‘ गवर्नर और मुख्यमंत्री के बीच असहमति इस स्तर पर थी कि हाई कोर्ट के न्यायाधीश को हस्तक्षेप करना पडा था. ये मामला कोर्ट में पहुंचा तो ये फ़ैसला दिया गया कि लोकायुक्त के मामले में जो फैसला हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने दिया था वही वैध होगा यानी आरए मेहता की नियुक्त वैध रहेगी.’’

माना जा रहा है कि गुजरात सरकार जल्दी ही इस मामले में आगे की रणनीति तय करेगी.सरकार के पास सुप्रीम कोर्ट में जाने का विकल्प भी है लेकिन अभी साफ नहीं है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगी या नहीं.

राजनीतिक हलकों में हाई कोर्ट का यह फैसला मोदी सरकार के लिए नुकसानदेह माना जा रहा है.

संबंधित समाचार