बीबीसी ने टॉप गियर का बचाव किया

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Image caption बीबीसी कार्यक्रम टॉप गियर के प्रस्तुतकर्ता जेरेमी क्लार्कसन

बीबीसी के कार्यक्रम टॉप गियर की ओर से कहा गया है कि कार्यक्रम के भारत विशेष संस्करण में भारत संबंधी वे टिप्पणियां अपमानजनक नहीं हैं जिनके बारे में ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायुक्त ने शिकायत की थी.

बीबीसी के ऑटो शो, टॉप गियर के 28 दिसंबर के अंक में भारतीय खान-पान और भारतीय रेल पर चुटकुले सुनाए गए थे और शौचालय युक्त एक जैगुआर कार दिखाई गई थे.

इसके बाद पिछले सप्ताह लंदन में भारतीय उच्चायुक्त ने शिक़ायत की थी कि ये कार्यक्रम अपमानजनक था. हालांकि कार्यक्रम के अधिकारियों का कहना था कि शो भारत की 'असली तस्वीर' दिखा रहा था और चुटकुलों का निशाना तो असल में कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता थे.

'घोर निराशा'

ब्रिटेन के अख़बार द डेली टेलीग्राफ़ में छपे पत्र में भारतीय उच्चायोग ने भारतीय संस्कृति के प्रति असंवेदनशील रहने के लिए शो की आलोचना करते हुए बीबीसी से इस सिलसिले में उचित कार्रवाई करने की मांग की है ताकि लोगों का ग़ुस्सा कम हो.

उच्चायुक्त के अधिकारी राजा शेखर ने कहा कि शो में 'भारतीय समाज, संस्कृति और भारतीयों का अपमान' किया गया है और पत्र के ज़रिए इसके ख़िलाफ़ 'घोर निराशा' ज़ाहिर की गई है.

एक भारतीय राजनयिक ने शो के उस सीन की आलोचना की जिसमें कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता जेरेमी क्लार्कसन को भारतीयों को पैंट प्रेस करना सिखाने के लिए एक पार्टी में ही अपनी पैंट उतारते हुए दिखाया गया है.

कार्यक्रम के दौरान जेरेमी क्लार्कसन ने भारत में साफ़-सफ़ाई की ख़राब स्थिति को दर्शाने के लिए शौचालय युक्त जगुआर कार दिखाते हुए कहा था, ''यह भारत के लिए बिल्कुल सही है क्योंकि यहाँ जो भी आता है उसे बार-बार 'जाना' पड़ता है.''

इस आलोचना के बाद अपनी पहली जवाबी प्रतिक्रिया में कार्यक्रम की ओर से कहा गया कि कार्यक्रम में "कई चीज़ें दिखाई गई हैं लेकिन इनमें से एक भी भारतीयों या उनकी संस्कृति का अपमान नहीं था".

और भी विवाद

बीबीसी की वेबसाइट पर शिक़ायत वाले हिस्से में एक वक्तव्य में कहा गया, "हमारे कार्यक्रम में भारत की सुंदरता, उसका वैभव, ग़रीबी और विरोधाभास दिखाए गए थे लेकिन किसी देश की असली तस्वीर दिखाने और उसका अपमान करने में बहुत अंतर है."

वक्तव्य में आगे कहा गया, "ऐसा बिल्कुल नहीं था कि हम ख़ुद को अपने मेज़बान से श्रेष्ठ दिखाने या उनके प्रति शत्रुतापूर्ण रवैया अपना रहे थे और जिस तरह से कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता वहां के लोगों के साथ पेश आ रहे थे, ये बात उससे साफ़ दिखाई दे रही थी. भारत में हमारा समय बहुत अच्छा बीता और इसमें दिखाया गया मज़ाक़ का निशाना भारतीय नहीं बल्कि हमेशा की तरह कार्यक्रम के प्रस्तुतकर्ता थे."

अप्रैल 2011 में टॉप गियर के एक अंक में मेक्सिकों के निवासियों को आलसी और वहां के खान-पान का भी मज़ाक उड़ाया गया था जिससे विवाद हो गया था. लेकिन ब्रॉडकास्ट वॉचडॉग ऑफ़कॉम को इस अंक में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगा था और उसे प्रसारण की अनुमति दे दी गई थी.

इस अंक के ख़िलाफ़ 157 शिक़ायतें दर्ज की गई थीं लेकिन ऑफ़कॉम ने कहा था कि टॉप गियर अपने "ख़ास स्टाइल और मुखर हास्य" के लिए मशहूर है.

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