दलित लड़की का बलात्कार, मंत्री का इस्तीफ़ा

उड़ीसा में एक दलित लड़की के कथित सामूहिक बलात्कार के सिलसिले में राज्य के एक मंत्री ने इस्तीफ़ा दिया है. कृषि मंत्री प्रदीप महारथी पर इस कांड से संबंधित लोगों का बचाव करने का आरोप है.

महारथी ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि वे केवल 'नैतिक मूल्य को बरक़रार रखने के लिए' इस्तीफ़ा दे रहे हैं.

सामूहिक बलात्कार की शिकार बनी 19 वर्षीय दलित लड़की कोमा में है और कटक शहर के एक अस्पताल में भर्ती है.

ग़ौरतलब है कि इस लड़की का कथित तौर पर पिछले साल 28 नवंबर को राजधानी भुवनेश्वर से दस किलोमीटर दूर उसके गांव में बलात्कार हुआ.

डेढ़ महीने बाद मामला दर्ज हुआ

लेकिन पुलिस ने नौ जनवरी को ही मामला दर्ज किया जब लोगों में रोष बढ़ा और राज्य के मानावाधिकार आयोग ने मामले में दख़ल दिया.

पुलिस ने तीन लोगों को इस संबंध में गिरफ़्तार किया है और पुलिस का कहना है कि उसे एक चौथे व्यक्ति की तलाश है.

गुरुवार को महारथी ने पत्रकारों को बताया, "मैने विपक्ष के दबाव के कारण इस्तीफ़ा नहीं दिया. मैने नैतिक आधार पर इस्तीफ़ा दिया है. मैं बुज़दिल नहीं हूँ. मैं किसी भी जाँच का सामना करने के लिए तैयार हूँ."

पर्यवेक्षकों का कहना है कि महारथी के इस्तीफ़े की संभावना जताई जा रही थी क्योंकि इससे पहले मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा था कि महारथी के भविष्य के बारे में जल्द ही फ़ैसला होगा.

लेकिन विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं है और मांग कर रहा है कि मुख्यमंत्री ही इस मुद्दे पर इस्तीफ़ा दें.

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