रुश्दी को वीडियो लिंक की अनुमति

 मंगलवार, 24 जनवरी, 2012 को 12:20 IST तक के समाचार

रुश्दी की पुस्तक द सैटेनिक वर्सेस पर 1988 में भारत में प्रतिबंध लगाया गया था

जयपुर साहित्य महोत्सव में सलमान रुश्दी के वीडियो लिंक को लेकर जारी विवाद थम गया है और अब वो वीडियो लिंक के ज़रिए एक घंटे तक समारोह में शामिल हो सकेंगे.

समारोह के आयोजकों का कहना है कि क़ानून का सम्मान किया जाएगा और सरकार ने सलमान रुश्दी के वीडियो सत्र के लिए कोई लिखित आश्वासन नहीं मांगा है.

अपने वीडियो सत्र में सलमान रुश्दी अपनी लोकप्रिय पुस्तक मिडनाइट्स चिल्ड्रेन के बारे में चर्चा करेंगे.

उल्लेखनीय है कि समारोह में चार लेखकों ने रुश्दी के विवादित पुस्तक द सैटेनिक वर्सेस के अंश पढ़े थे जिसके बाद से इन लेखकों की गिरफ्तारी की आशंका पैदा हो गई थी.

सलमान रुश्दी के ख़िलाफ़ कुछ मुस्लिम गुटों ने विरोध किया था और मांग की थी कि उन्हें समारोह में न आने दिया जाए.

राजस्थान पुलिस ने कथित रुप से रुश्दी को कहा था कि उन्हें मारने के लिए सुपारी दी गई है.

रुश्दी ने पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था. हालांकि राजस्थान सरकार अभी भी इस बात पर कायम है कि अगर रुश्दी जयपुर आते तो उनके जीवन को खतरा था.

इस बीच रुश्दी के भारत आने का विरोध कर रहे मंचों ने विरोध को और आगे बढ़ाते हुए राजस्थान में उन चार लेखकों के ख़िलाफ़ मामले दायर किए हैं जिन्होंने रुश्दी की भारत में प्रतिबंधित पुस्तक द सैटेनिक वर्सेस के अंश जयपुर महोत्सव में पढ़े थे.

मुस्लिम गुटों ने जयपुर महोत्सव के आयोजकों के ख़िलाफ़ भी शिकायत की है.

जयपुर महोत्सव में सलमान रुश्दी आ तो नहीं सके लेकिन पूरे महोत्सव पर रुश्दी की छाया रही.

भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि सरकार की इस पूरे मामले में नीति अत्यंत ग़लत रही है और तुष्टिकरण की रही है. कांग्रेस ने इन आरोपों का खंडन किया है.

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 2007 में रुश्दी इस समारोह में शिरकत कर चुके हैं और तब उनके आने को लेकर कोई विवाद नहीं हुआ था.

रुश्दी भारतीय मूल के लेखक हैं जो ब्रिटेन में रहते हैं और उन्हें पीआईओ कार्ड मिला हुआ है जिसका अर्थ है कि उन्हें भारत आने के लिए वीज़ा की ज़रुरत नहीं पड़ती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि रुश्दी को लेकर सरकार का टालमटोल और उसके बाद खतरा बताने का रवैया एक ढुलमुल नीति का परिणाम है जो पाँच राज्यों में हो रहे चुनावों में मुसलिम वोटों को देखते हुए बनाई गई है.

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