राजपथ पर भारतीय संस्कृति और शौर्य का प्रदर्शन

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Image caption सेना और पुलिस की कई रेजिमेंटों ने परेड में हिस्सा लिया

भारत में 63 वें गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय सेना की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक धरोहर का मिलाजुला प्रदर्शन किया गया.

राजधानी दिल्ली में राजपथ पर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने परेड की सलामी ली और बड़ी संख्या में गणमान्य नेता भी उपस्थित थे.

राजपथ के दोनों तरफ बैठे लोगों ने न केवल बच्चों बल्कि सेना के जवानों की भी परेड के दौरान हौसला अफज़ाही की.

सेना की परेड की अगुआई जनरल ऑफिसर कमांडिंग (दिल्ली) लेफ्टिनेंट जनरल वीके पिल्लै ने की.

इस अवसर पर मुख्य अतिथि थाईलैंड की प्रधानमंत्री यिंगलक चिनावाट थी. भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, रक्षा मंत्री एके एंटनी और एयर फोर्स मार्शल अरजन सिंह भी वहां उपस्थित थे.

परेड में सबसे प्रभावशाली रहा अग्नि IV मिसाइल जिसकी मारक क्षमता 3000 किलोमीटर से अधिक है. इसे भारत में किसी भी स्थान से छोड़ा जा सकता है.

इसके अलावा पूर्ण रुप से भारत में बने प्रहार सपोर्ट मिसाइल और मानव रहित विमान रुस्तम 1 का भी प्रदर्शन किया गया.

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Image caption अग्नि IV मिसाइल की मारक क्षमता 3000 किलोमीटर से अधिक है.

भारतीय सेना की तरफ से टी-72 टैंक, स्मिर्च मिसाइल लांच राकेट प्रणाली, पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम और जैमर स्टेशन को भी परेड में शामिल किया गया था.

परेड के अंत में वायु सेना के सुपर हर्क्यूलिस विमानों का प्रदर्शन भी किया गया. ये विमान अमरीका से आयात किए गए हैं.

कड़ी सुरक्षा

तिड़सठवें गणतंत्र दिवस समारोह के लिए देश भर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे. नक्सलियों के गणतंत्र दिवस के बहिष्कार को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए थे.

केंद्र सरकार ने गणतंत्र दिवस पर प्रदेशों को अलर्ट करते हुए अधिक चौकस रहने की हिदायत दी है. पंजाब, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली के लिए यह अलर्ट विशेष तौर से जारी किया गया था.

दिल्ली सहित देशभर में गणतंत्र दिवस समारोहों के मद्देनजर सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना न घट सके.

विस्फोट

इधर समाचार एजेंसी पीटीआई ने ख़बर दी है कि संदिग्ध उग्रवादियों ने इंफ़ाल में एक बम विस्फ़ोट किया है.

हालांकि किसी के भी हताहत होने की ख़बर नहीं है.

पुलिस का कहना है कि बम सुबह नौ बजे के आसपास स्थानीय शमाशाकी स्कूल के पास फटा.

चरमपंथियों ने बुधवार रात को भी दो घमाके किए थे लेकिन उसमें भी किसी के हताहत होने का समाचार नहीं है.