लोकायुक्त: सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार की याचिका स्वीकार की

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Image caption खंडपीठ ने कहा कि वे इस मामले को विस्तार से जाँचेगे क्योंकि इसमें संविधानिक कानून का मुद्दा शामिल है

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें राज्यपाल द्वारा लोकायुक्त की नियुक्ति करने के फैसले को चुनौती दी गई थी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार जस्टिस बीएस चौहान और जस्टिस जेएस खेहर की खंडपीठ ने कहा कि वे इस मामले को विस्तार से जाँचेगे क्योंकि इसमें संवैधानिक कानून का मुद्दा शामिल है.

खंडपीठ ने कहा कि वे फरवरी 20 से इस मामले की लगातार तीन दिन तक सुनवाई करेंगे.

गुजरात सरकार ने गुजरात हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें राज्यपाल द्वारा की गई नियुक्ति को सही ठहराया गया था. सरकार की दलील है कि राज्यपाल का फैसला गैर-संविधानिक है और बिना सरकार की मंजूरी के लिया गया था.

गुजरात हाईकोर्ट ने 18 जनवरी को जस्टिस मेहता की नियुक्ति को सही ठहराया था.

क्या है याचिका

सरकार ने 19 जनवरी को दायर की गई अपनी याचिका में हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने की माँग की थी. साथ ही उसने राज्यपाल कमला के 25 अगस्त 2011 के लोकायुक्त की नियुक्ति के आदेश पर भी रोक लगाने की माँग की थी.

सरकार ने याचिका में हाईकोर्ट के मुख्यमंत्री के खिलाफ 'कड़े शब्दों' के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई है.

फैसले को चुनौती देते हुए सरकार ने कहा कि गुजरात लोकायुक्त अधि्नियम 1986 के भाग 3 के तहत राज्यपाल को मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्री परिषद की सलाह पर फैसला लेना होता है न कि व्यक्तिगत तौर पर.

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