पॉर्न देखने के आरोप में फँसे मंत्रियों का इस्तीफ़ा

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कर्नाटक के जिन तीन मंत्रियों पर विधानसभा सदन के भीतर कथित तौर पर 'पॉर्न' देखने का आरोप लगा था उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

भाजपा सरकार के सहकारिता मंत्री लक्ष्मण सवादी और महिला एवं बाल विकास मंत्री सीसी पाटिल को कर्नाटक विधान सभा की कार्यवाही के दौरान कथित तौर पर एक पॉर्न वीडियो देखते हुए क़ैमरे में कैद किया गया था. जिस फ़ोन पर अश्लील सामग्री देखी जा रही थी वो फ़ोन खेल, विज्ञान और तकनीक मंत्री कृष्णा पालेमर का था.

ग़ौरतलब है कि सीसी पाटिल वही मंत्री हैं जिनका महिलाओं के पहनावे को लेकर कथित बयान विवादों में आ गया था. उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि महिलाओं को 'उत्तेजक' वस्त्र नहीं पहनने चाहिए.

'पॉर्न घटना' के एक दिन बाद मामले से जुड़े तीनों मंत्रियों को भाजपा कार्यालय बुलाया गया और उन्हें इस्तीफ़ा देने के लिए कहा गया.

लक्ष्मण सवादी ने भाजपा कार्यालय के बाहर पत्रकारों से कहा, "हम नहीं चाहते कि पार्टी और सरकार को हमारी वजह से शर्मिंदा होना पड़े. हम सबने मंत्रालय से इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला किया है."

लक्ष्मण सवादी और सीसी पाटिल के अलावा सूचना और तकनीक मामलों के मंत्री कृष्णा पालेमर ने भी इस्तीफ़ा दिया है. कृष्णा पालेमर पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर पॉर्न सामग्री देखने के लिए दी थी.

कृष्णा पालेमर का कहना है कि वे नहीं जानते कि इस तरह के क्लिप कैसे भेजे जाते हैं और उनकी कोई ग़लती नहीं है.

लक्ष्मण सवादी और सीसी पाटिल ने माँग की है कि विधानसभा के स्पीकर मामले की जांच का आदेश दें. उन्होंने विश्वास जताया कि वे निर्दोष साबित होंगे. दोनों ने मामले की उछालने के लिए मीडिया तो दोषी ठहराया है.

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