ख़ुर्शीद को हटाने की सिफ़ारिश करें प्रधानमंत्री: भाजपा

सलमान ख़ुर्शीद
Image caption एक चुनावी सभा के दौरान सलमान ख़ुर्शीद ने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए, वे पिछड़े मुसलमानों को उनका हक़ दिलाकर रहेंगे

भारतीय जनता पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से केंद्रीय क़ानून मंत्री सलमान ख़ुर्शीद को पद से हटाने की सिफ़ारिश करने की मांग की है.

भाजपा नेता अरूण जेटली ने ये कहते हुए सलमान ख़ुर्शीद की निंदा की है कि क़ानून बनाने वाले ही क़ानून तोड़ रहे हैं.

वहीं कांग्रेस ने इतना भर कहा कि पार्टी अपने नेताओं से चाहती है कि वे सार्वजनिक जीवन के नियमों और देश के क़ानून के मुताबिक़ ही बोलें.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, सलमान ख़ुर्शीद के बयान से पैदा हुए विवाद पर कांग्रेस नेता जनार्दन द्विवेदी ने कहा, ''चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है. कांग्रेस चाहती है कि उसके नेता सार्वजनिक नियमों और क़ानूनों के हिसाब से बोलें.''

'हक़ दिलाकर रहेंगे'

एक चुनावी सभा के दौरान सलमान ख़ुर्शीद ने ये कह दिया था कि चुनाव आयोग चाहे उन पर पाबंदी लगाए या फिर उन्हें फांसी दे दे, लेकिन वे पिछड़े मुसलमानों को उनका हक़ दिलाकर रहेंगे.

ख़ुर्शीद के इस बयान को चुनाव आयोग ने आचार संहिता के उल्लंघन का मामला मानते हुए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील की और उनके ख़िलाफ़ फ़ौरन निर्णायक कदम उठाने की मांग की है.

इसके बाद राष्ट्रपति ने चुनाव आयोग के पत्र को प्रधानमंत्री के पास भेज दिया है. विपक्षी भारतीय जनता पार्टी मांग कर रही है कि प्रधानमंत्री को ख़ुर्शीद को पद से हटाने की अनुशंसा कर देनी चाहिए.

'संवैधानिक संकट'

इस पूरे विवाद पर भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद का कहना है, ''केंद्र सरकार का एक वरिष्ठ मंत्री जो अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री भी है, क़ानून मंत्री भी है, क़ानून भी जानता है वो खुले आम चुनाव आयोग की धज्जियाँ उड़ाने पर अमादा है.''

उन्होंने कहा, ''एक वरिष्ठ मंत्री ने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के अधिकारों को संकट में डालने का प्रयास किया है. इससे एक अभूतपूर्व संविधानिक संकट की स्थिति पैदा हो गई है.''

'क्या माननीय प्रधानमंत्री कोई कार्रवाई करेंगे या फिर इस बार भी हर बार की तरह ख़ामोश ही रहेंगे? क्या सोनिया गाँधी कुछ कहेंगी या फिर हर बार की तरह इस बार भी चुप ही रहेंगी? नहीं तो सब यही ससझेंगे कि वो सभी सलमान ख़ुर्शीद के बयान से सहमत हैं. सवाल चुनावों का नहीं है सवाल चुनाव आयोग की विश्वसनीयता का है जिसका एक विशेष दर्जा है.''

जनता दल (यू) के प्रमुख शरद यादव ने मांग की है कि प्रधानमंत्री को उत्तर प्रदेश में सलमान ख़ुर्शीद को प्रतिबंधित कर देना चाहिए.

उन्होंने कहा, ''ख़ुर्शीद ने जो कहा है वो राजनीतिक मकसद से कहा है. वह नौ फीसदी आरक्षण की बात कर रहे हैं. इसमें केवल लोक सभा ही कुछ कर सकती है.''

उन्होंने आगे कहा, '' वैसे तो उन्हें बर्ख़ास्त करना चाहिए लेकिन कम से कम प्रतिबंधित तो कर ही सकते हैं.''

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