किंगफिशर की उड़ानों में दूसरे दिन भी कटौती

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Image caption चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में किंगफिशर ने 444 करोड़ रूपए का घाटा दिखाया था.

किंगफिशर एयरलाइंस ने रविवार को अपनी उड़ानों में लगातार दूसरे दिन जबरदस्त कटौती की है.

मुंबई से कम से कम 16 और दिल्ली से चार फ्लाइटें रद्द की गई है. काठमांडू जाने वाली भी एक फ्लाइट रद्द की गई है.

कोलकाता से किंगफिशर की कम से कम सात फ्लाइटें रोज़ाना चलती है, लेकिन शुक्रवार रात से ही कंपनी ने यहां सेवाएं बंद कर रखी हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, उड़ानों के प्रभावित होने की खबरों के बीच नागरिक उडड्यन महानिदेशालय (डीजीसीए) इससे संबंधित जानकारियां जुटा रहीं है और उसी आधार पर कार्रवाई करने के बारे में विचार रही है.

पीटीआई के मुताबिक डीजीसीए के महानिदेशक इके भारत भूषण ने कहा, ''हमें खबरें मिली है कि उड़ानें बड़ी संख्या में रद्द की जा रहीं है. उड़ानों में किसी प्रकार के बदलाव होने की स्थिति में विमानन कंपनी का डीजीसीए को जानकारी देना जरूरी है लेकिन उन्होने ऐसा नहीं किया.''

उन्होंने कहा कि अगर उड़ाने रद्द होने की या देर से चलने की खबरों में सत्यता पाई गई तो फिर ये सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.

कारण

पीटीआई के अनुसार किंगफिशर के एक प्रवक्ता ने शनिवार देर रात कहा, ''हम अगले चार दिनों में सारणी के अनुसार फ्लाइटे चलाना शुरू कर देंगे.''

एयरक्राफ्ट नियम 140(ए) के तहत विमानन कंपनियों को अपनी उड़ाने रद्द करने से पहले डीजीसीए की अनुमति ली जानी चाहिए.

पीटीआई के हवाले से मिली खबरों के अनुसार भूषण ने कहा है कि डीजीसीए ने दूसरी विमानन कंपनियों से कहा है कि किंगफिशर की उड़ाने रद्द हाने के कारण फंसे यात्रियों को शामिल कर लिया जाए.

समाचार एजेंसी के अनुसार किंगफिशर एयरलाइंस के प्रवक्ता ने कहा, ''हम इस बात की पुष्टी करते है कि कर अधिकारियों ने हमारे कुछ बैंक खाते फ्रीज़ कर दिए है. ऐसा केवल हमारे साथ ही नहीं एयर इंडिया के साथ भी हुआ है. हमने पहले भी मतभेद सुलझाएं है, इस बार भी सुलझा लेंगे.''

चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में किंगफिशर ने 444 करोड़ रूपए का घाटा दिखाया था.

कंपनी आर्थिक मदद के लिए बैंकों से बातचीत कर रही है.

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