शिवरात्री का 'प्रसाद खाकर' सौ बीमार

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Image caption सत्तर से ज्यादा आदिवासी अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय शिव मंदिर में भोज खाने के बाद लगभग 100 से ज्यादा आदिवासी ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

यह घटना तेक्नार इलाके की है और सोमवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर आसपास के इलाकों से बड़े पैमाने पर ग्रामीण जमा हुए थे. अधिकारियों का कहना है कि यहाँ लोगों नें प्रसाद और भोज भी खाया इसके बाद कुछ लोगों की तबियत बिगड़ने लगी. लोगों को उल्टियों की शिकायत की वजह से दंतेवाड़ा के सरकारी अस्पताल में भरती कराया गया है.

इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल हैं. मंगलवार को अस्पताल में लगभग 70 ग्रामीण ऐसे हैं जिनका अभी भी इलाज चल रहा था. कहा जा रहा है कि कई ग्रामीणों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. मगर अधिकारी यह बता नहीं पा रहे हैं कि कितने ऐसे लोग हैं जिन्हें उपचार के बाद छोड़ा गया है.

दंतेवाड़ा के ग्रामीण क्षेत्रों में अकसर इस तरह की खबरें आती रहतीं हैं. राज्य के चिकित्सा विभाग का कहना है कि अमूमन जनजातीय क्षेत्रों में लोग जंगली साग का इस्तेमाल करते हैं. कभी-कभी यह साग सेहत के लिए नुक्सानदेह साबित होता है.

बहरहाल प्रशासन नें घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं.