राहुल के बचाव में कॉंग्रेस जाएगी हाईकोर्ट

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Image caption राहुल गांधी के बचाव में पूरी कॉंग्रेस कूद पड़ी है.

अपने महासचिव राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर के खिलाफ कांग्रेस ने अदालत जाने का निर्णय लिया है. कॉंग्रेस के राष्ट्रीय महामंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि कॉंग्रेस इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएगी.

उत्तर प्रदेश में पार्टी के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गाँधी के खिलाफ एफआईआर मुख्यमंत्री मायावती के इशारे पर की गई है. कॉंग्रेस नेता के अनुसार राहुल के रोड-शो में किसी भी तरह से कोई कानून नहीं तोड़ा गया.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि कानपुर में राहुल के जिस रोड-शो के रास्ते के पर सारा हंगामा खडा हुआ उसके लिए स्थानीय प्रशासन ज़िम्मेदार है.

सिंह ने दावा किया कि स्थानीय प्रशासन ने कॉंग्रेस के स्थानीय नेताओं को कोई जानकारी नहीं दी थी.

आरोप

कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने कानपुर में सोमवार को बड़ा रोड शो किया था. ज़िलाधिकारी के मुताबिक़ राहुल गांधी के रोड-शो के लिए जो समयसीमा और दूरी तय की गई थी, उसका सही-सही पालन नहीं किया गया.

ज़िला प्रशासन का कहना है कि पहले राहुल गांधी के रोडशो के लिए 10 बजे से 12 बजे तक का समय दिया गया था, लेकिन राहुल गांधी का रोडशो साढ़े 10 बजे शुरू हुआ और तीन बजे समाप्त हुआ. आरोप ये भी था कि रोडशो के लिए तय मार्ग में भी फेरबदल किया गया.

ज़िला प्रशासन ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया था.

राहुल के खिलाफ मामला दर्ज करने के खिलाफ तमाम कॉंग्रेसी नेताओं ने राहुल के पक्ष में बयानों की बाढ़ ला दी है.

कॉंग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सुप्रीम कोर्ट के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने प्रशासन को गलत बताया तो कानपुर से सांसद और केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश शुक्ल का कहना है कि कानपुर प्रशासन उनके ख़िलाफ़ एफआईआर करके दिखाए, क्योंकि उन्होंने ही राहुल गांधी को रोडशो के लिए बुलाया था.

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