माँ बाप को बच्चा दिलाने अधिकारी नॉर्वे में

नॉर्वे भारतीय बच्चे
Image caption मां-बाप पर बच्चों का ठीक से देखभाल नहीं करने का आरोप है

भारतीय विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को नॉर्वे भेजा गया है ताकि वो एक भारतीय दंपति को उनके बच्चों को सौंपने के सिलसिले में बातचीत कर सकें.

विशेष दूत मधूसुदन गणपति नॉर्वे के विदेश मंत्री और दूसरे उच्च अधिकारियों से बातचीत करेंगे.

भारतीय विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता सईद अकबरुद्दीन ने ट्वीट पर कहा कहा कि विशेष दूत गणपति सभी जरूरी अधिकारियों से मिलेंगे.

नॉर्वे के बाल कल्याण अधिकारियों ने पिछले साल मई में अनुरूप भट्टाचार्य और उनकी पत्नी सागरिका को उनके दो छोटे बच्चों को ये कहते हुए उनसे छीन लिया कि वे बच्चों की ठीक से देखभाल नहीं कर पा रहे.

इस घटना को लेकर ख़ासा हंगामा हुआ और भारत सरकार को भी इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा है जिसने नॉर्वे के विदेश मंत्रालय से संपर्क किया है.

कुछ दिनों पहले नॉर्वे के तीसरे बड़े शहर स्टैवेन्गर में काम कर रहे अनुरूप भट्टाचार्य और उनकी पत्नी सागरिका भट्टाचार्य तीन महीने बाद अपने बच्चों से मिलने दिया गया था.

धरना

तीन वर्षीय अभिज्ञान और एक वर्षीया ऐश्वर्या - से उनकी कुछ घंटे की मुलाक़ात बाल कल्याण विभाग के एक दफ़्तर में हुई.

फ़िलहाल नॉर्वे के अधिकारी इन बच्चों को उनके चाचा को सौंपे जाने के बारे में विचार कर रहे हैं.

नॉर्वे के अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि अगले दो हफ़्ते में इस बारे में कुछ तय कर लिया जाएगा.

मगर बच्चों के माता-पिता का कहना है कि अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है और उन्हें बताया गया है कि बच्चों को सौंपे जाने को लेकर देर हो सकती है.

इस बीच बंगाल में रहने वालों उन बच्चों के नाना-नानी दिल्ली में नॉर्वे की दूतावास के बाहर सोमवार से चार दिनों तक धरना कर रहे हैं.

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