कुडनकुलम: चार एनजीओ के खिलाफ मामला

Image caption कुडनकुलम का संयंत्र को चालू करने में विरोध की वजह से देरी हो रही है

तमिलनाडु में कडनकुलम परमाणु परियोजना के विरोध के पीछे हाथ होने के संदेह के आधार पर सरकार ने चार गैरसरकारी संस्थाओं (एनजीओ) के खिलाफ मामला दर्ज किया है.

अधिकारियों का कहना है कि इन चारों एनजीओ के बैंक खाते भी सील कर दिए गए हैं.

केंद्रीय गृहसचिव आरके सिंह ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, "चार एनजीओ के खिलाफ विदेशी सहायता नियमन कानून के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है."

इससे पहले बुधवार को इसी मामले में एक जर्मन नागरिक को चेन्नई से वापस उनके देश भेज दिया गया था.

ये कार्रवाई प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के उस बयान के बाद की गई है कि विदेशों से समर्थन प्राप्त कुछ गैर सरकारी संगठन प्रदर्शनकारियों की मदद कर रहे हैं.

उनके इस बयान के आधार पर सामाजिक कार्यकर्ता एसपी उदय कुमार ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक कानूनी नोटिस भी भेजी है.

आरोप

Image caption मनमोहन सिंह के बयान पर पहले भी तीखी प्रतिक्रिया हुई थी

गृहमंत्रालय के अनुसार इन एनजीओ पर आरोप है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए उस धन का इस्तेमाल किया, जो धर्मार्थ कार्यों के लिए मिला था.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार मामले तमिलनाडु पुलिस की अपराध शाखा और केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दर्ज किये हैं.

इससे पहले तमिलनाडु पुलिस ने एक जर्मन नागरिक को हिरासत में लिया था. इस जर्मन नागरिक पर आरोप है कि उसने प्रदर्शनकारियों की मदद की.

वीजा के शर्तों का उल्लंघन किए जाने के आरोप में उन्हें बाद में चेन्नई से वापस जर्मनी भेज दिया गया.

प्रधानमंत्री ने साइंस पत्रिका को दिये साक्षात्कार में कहा था कि कुछ एनजीओ भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों की कद्र नहीं करते.

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने कहा कि ऐसा पता चला कि एनजीओ कुडनकुलम में परमाणु संयंत्र विरोधी अभियान के लिए विदेशी धन का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ये एनजीओ विकलांग लोगों की मदद और लेप्रोसी उन्मूलन जैसे सामाजिक सेवा के कार्यों के लिए विदेशों से धन प्राप्त कर रहे हैं लेकिन इसका इस्तेमाल परमाणु विरोधी प्रदर्शनों में किया जाता है.

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