क्यों बढ़ा है मतदान का प्रतिशत?

 गुरुवार, 1 मार्च, 2012 को 07:27 IST तक के समाचार
वोट देने का आग्रह

सभी प्रमुख सड़कों पर वोट देने का आग्रह करने वाले ही बैनर दिखते हैं.

उत्तर प्रदेश में लगातार मतदान का प्रतिशत बढ़ रहा है लेकिन ऐसा क्यों हो रहा है इसका कोई निश्चित जवाब किसी के पास नहीं है.

चुनाव दौरे पर निकलने से पहले ये सवाल मेरे मन में भी था लेकिन बिजनौर से मुरादाबाद के रास्ते में इसका एक जवाब मुझे ज़रुर मिला.

रास्ते में जितने बैनर राजनीतिक दलों के दिखे उससे कम बैनर मतदाता जागरुकता अभियान के भी नहीं होंगे.

चाहे निजी लोग हों, अखबार हों, निर्वाचन अधिकारी हों या फिर पंचायत.

अलग अलग मंचों से लोगों से अपील की जा रही थी कि आप अपना मत ज़रुर दें.

रास्ते में एक घर की दीवार पर लगे बड़े से बैनर पर लिखा था...पंचायत ने तय किया है कि आप सभी को वोट डालना है. ध्यान रहे कि गांवों में अभी भी पंचायतों का दबदबा है.

मुरादाबाद शहर में तो और भी ज़बर्दस्त स्थिति है. मुख्य सड़कों पर उम्मीदवारों के पोस्टर कम और मतदाताओं को जागरुक करने वाले पोस्टर अधिक.

बैनर का प्रभाव

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब बैंक, निर्वाचन अधिकारी, बाबा रामदेव और यहां तक कि हिंदुस्तान अख़बार के बड़े बड़े बैनर चीख चीख कर लोगों को मानो चुनौती दे रहे हों कि वोट देना ज़रुरी है.

मतदाताओं को जागरूक करने के प्रयास कई तरह से हो रहे हैं.

एक बैनर पर लिखा था, मुरादाबाद के लोगों..अब जाग जाओ. आओ राजनीति करें.

थोड़ी ही दूर पर जिला निर्वाचन अधिकारी की अपील वाले बैनर में एक विकलांग व्यक्ति की तरफ इशारा कर के कहा जा रहा है जब ये तैयार हैं तो आप क्यों नहीं.

और तो और एक बैनर ने तो हद कर दी जिस पर अमर जवान ज्योति पर बंदूक और टोपी में बने सिपाही की तस्वीर लगी है और लिखा है जब ये देश के लिए जान दे सकते हैं तो क्या आप एक वोट नहीं दे सकते.

अब आप ही बताइए जब ऐसी अपील होगी तो लोग भला कैसे पीछे रहेंगे. वोट देने तो निकलेंगे ही.

वोट देने के लिए लोग निकल रहे हैं इसमें किसी को शक नहीं हां ये ज़रुर है कि अधिक संख्या ने विश्लेषणकर्ताओं की नींद हराम कर दी है कि वो इसका क्या विश्लेषण करें क्योंकि राज्य में कोई ये नहीं कह सकता कि किसी एक पार्टी की लहर है.

यानी फिलहाल ये कहना ही उचित होगा कि निर्वाचन आयोग और कई संगठनों की मतदान करने की अपील का असर लोगों पर ज़रुर हुआ है जिसके कारण मतदान प्रतिशत भारी संख्या में बढ़ा है.

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