शराब पीकर गाड़ी चलाना पड़ेगा मंहगा

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Image caption मंत्रिमंडल द्वारा पारित प्रस्तावों में जुर्माने की रकम कई गुना बढ़ा दी गई है.

लापरवाही से गाड़ी चलाने और किसी को क्षति पहुंचाने पर अब सरकार ने कड़ी सजा और जुर्माने का प्रस्ताव पारित किया है.

मौजूदा मोटर वेहिकल्स ऐक्ट 1988 में प्रस्तावित संशोधनों में जुर्माने में कई गुना इजाफा और दुर्घटनाओं के शिकार हुए लोगों के लिए मुआवजे में बढ़ोत्तरी शामिल है.

पीटीआई समाचार एजेंसी ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने मोटर वेहिकल्स ऐक्ट में कई संशोधन पारित किए हैं जिनके तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों और ट्रैफिक के नियम तोड़ने वालों के लिए ज्यादा जुर्माना तय किया गया है.

शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 2,000 से 10,000 रुपए का जुर्माना और छह महीने से चार वर्ष की कैद की सजा का प्रस्ताव पारित किया गया है.

एजेंसी के मुताबिक ये संशोधन उन लोगो पर नकेल कसने के लिए हैं जो बार-बार ट्रैफिक के नियम तोड़ते हैं.

दिल्ली पुलिस के ट्रैफिक विभाग के संयुक्त कमिश्नर सत्येन्द्र गर्ग ने पीटीआई से कहा, “ये प्रस्तावित संशोधन वाहनचालकों को नियम तोड़ने से रोकने के लिए प्रेरित करेंगे.”

बढ़ी सजा और जुर्माना

खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, गाड़ी में सीट-बेल्ट ना पहनने औऱ स्कूटर या मोटरसाइकिल पर हेल्मेट पहने बिना सवारी करने पर भी जुर्माना बढ़ा दिया गया है.

वाहन चलाते वक्त मोबाइल फोन का इस्तेमाल (बात करने या एसएमएस टाइप करने के लिए) करने पर 500 रुपए (पहली बार) से लेकर 5,000 रुपए (बार-बार गलती करने पर) तक जुर्माना तय किया गया है.

दुर्घटना में मौत हो जाने की स्थिति में मुआवजे की रकम को चार गुना कर एक लाख रुपए तय करने को मंजूरी दी गई है.

वहीं गाड़ी से मार कर भाग जाने के मामलों में अगर किसी व्यक्ति को गहरी चोटें आएं तो 50,000 रुपए का मुआवजा तय किया गया है.

शराब पीकर गाड़ी चलाने पर 2,000 से 10,000 रुपए का जुर्माना और छह महीने से चार वर्ष की कैद की सजा का प्रस्ताव पारित किया गया है.

मोटर वेहिकल्स ऐक्ट में प्रस्तावित इन बदलावों को आने वाले संसद सत्र में संशोधन के रूप में लाए जाने की उम्मीद है.

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