'2जी की नई नीलामी में 400 दिन लगेंगे'

Image caption सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि नई नीलामी प्रक्रिया में कम से कम 400 दिन लगेंगे.

दूरसंचार मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट से 2जी स्पेक्ट्रम के 122 लाइसेंस रद्द करने की समयसीमा दो जून से आगे बढाने की मांग की है.

सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि ऐसा न होने पर 6.9 करोड़ से अधिक मोबाइल उपभोक्ताओं पर असर पड़ेगा क्योंकि नई नीलामी की प्रक्रिया में कम से कम 400 दिन लगेंगे.

सु्प्रीम कोर्ट ने दो फरवरी को अपने फैसले में ए राजा के कार्यकाल में आवंटित 122 लाइसेंसों को रद्द करने का निर्देश दिया था.

सु्प्रीम कोर्ट को दिए गए 5 पन्नों के आवेदन में सरकार ने कहा है चूंकि स्पेक्ट्रम लाइसेंस केवल मार्च 2013 में या इसके आसपास जारी हो सकते हैं और 2 जून, 2012 के प्रभाव से लाइसेंस रद्द किए गए हैं, इसलिए लाइसेंस रद्द होने वाली कंपनियों के ग्राहकों के लिए सेवा में बाधा उत्पन्न होगी.

सरकार ने कहा कि अदालत के फैसले से अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित होने वाले ग्राहकों की संख्या 6.9 करोड़ से ज्यादा है जो भारत में कुल मोबाइल उपभोक्ताओं के करीब 7.5 हैं.

नई नीलामी प्रक्रिया

सरकार ने कहा कि लाइसेस के लिए नई नीलामी प्रक्रिया के पूरा होने में 400 दिन लगेंगे.

सरकार ने ये भी कहा कि ये बताना जरुरी है कि सरकार अदालत के आदेश को ध्यान में रखते हुए इस बारे में संभावित समय सीमा तय करने की कोशिश कर रही है. और ये समय सीमा 3जी की नीलामी के लिए तय 1560 दिनों से कहीं कम है.

एक दिन पहले ही दूरसंचार सचिव ने कहा था कि सरकार 122 दूरसंचार लाइसेंस रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले को चुनौती नहीं देगी.

लेकिन संकेत दिए थे कि सरकार पुनरीक्षण याचिका दाखिल कर सकती है.

दूरसंचार सचिव आर. चंद्रशेखर ने पत्रकारों से कहा, “हम लाइसेंस रद करने के फैसले को चुनौती देने पर विचार नहीं कर रहे हैं. इस सप्ताह के अंत तक हम इस बारे में कोई महत्वपूर्ण फैसला कर सकते हैं. हमारे सभी कानूनी विकल्प खुले हुए हैं.”

फरवरी में 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले के मामले में अहम फ़ैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 11 कंपनियों के सभी 122 लाइसेंसों को अवैधानिक ठहराते हुए रद्द कर दिया था.

संबंधित समाचार