बीबीसी विशेष: हारे हुए पर क्या टिप्पणी, कहा मुलायम ने

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Image caption उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी बड़ी जीत की ओर

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में पार्टी को मिली अभूतपूर्व सफलता पांच साल तक लगातार संघर्ष का परिणाम है.

बीबीसी के साथ खास बातचीत में उन्होंने मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए कहा है कि समाजवादी पार्टी उनकी उम्मीदें पूरी करने का प्रयास करेगी.

विक्रमादित्य मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में चारों तरफ जश्न के माहौल के बीच श्री यादव अंदर अपने कमरे में वरिष्ठ नेताओं के साथ टी वी और फोन पर लगातार मतगणना की ख़बरें प्राप्त कर रहे थे.

वह चाहते थे कि पूरे नतीजे आने के बाद ही मीडिया से बात करें. बड़ी मुश्किल से तैयार हुए तो पूछा कया सवाल करोगे?

मैंने कहा पर्चा लीक नही होगा!

जोरदार ठहाके के बीच पार्टी नेताओं ने जोड़ा अब तो इम्तहान पास कर लिया है.

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श्री यादव ने कहा कि वह इस जीत का श्रेय, “जनता को, कार्यकर्ताओं को और अखिलेश को देते हैं.”

अखिलेश उनके बड़े बेटे हैं और उत्तर प्रदेश में पार्टी के अध्यक्ष हैं. अखिलेश ने मुलायम सिंह के क्रान्तिरथ को नया रूप देकर उत्तर प्रदेश का धुंआधार दौरा किया और नौजवानों के बीच अपनी पकड़ बनाई.

किसी पर टिप्पणी नहीं

पूरी बातचीत में श्री यादव राहुल गांधी, मायावती या दूसरे नेताओं पर टिप्पणी से बचते रहे.

मायावती क्यों हारीं? इस सवाल पर उनका संक्षिप्त सा जवाब था, “हारे हुए के बारे में क्या बोलना?”

राहुल गांधी और कांग्रेस ने चुनाव अभियान के दौरान बढ़ चढ़कर दावे किये थे, इस पर भी वह संतुलित बोले.

उन्होंने कहा, “अच्छा है, अपनी पार्टी के लिए बहुत मेहनत की. मेहनत का परिणाम नहीं आया यह अलग बात है."

इस सवाल पर कि क्या उत्तर प्रदेश में सपा की जीत के बाद देश की राजनीति में गैर कांग्रेस– गैर भाजपा दलों का नया ध्रुवीकरण होगा?

मुलायम सिंह का जवाब था, “इसके बारे में अभी कुछ नही कह सकते.”

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनाव के बाद लोक सभा चुनाव की चर्चा शुरू हो जायेगी, लेकिन उन्हें नही लगता कि लोक सभा चुनाव समय से पहले होंगे.

अमर सिंह

कई लोगों का कहना है कि अमर सिंह और बेनी प्रसाद वर्मा का सपा छोड़ने से लाभ हुआ, इस सवाल के जवाब में मुलायम सिंह ने कहा कि वे मन से कभी साथ नही थे.

श्री यादव ने बताया कि पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक बुधवार को होगी, जिसमें यह तय होगा कि मुख्यमंत्री कौन होगा.

श्री यादव ने यह भी बताया कि होली पर वह अपने गाँव सैफई जायेंगे. यानी मुख्यमंत्री पद की शपथ वह उसके बाद ही लेंगे.

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