विधानसभा चुनाव: 'रिश्तेदारी' ने टिकट दिलाई, जीत नहीं

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पाँच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में कई दिग्गजों के नाते-रिश्तेदार चुनावी दंगल में शामिल हुए थे. लेकिन इनमें से कई हस्तियों को चुनावों में हार का सामना करना पड़ा है.

बात अगर उत्तर प्रदेश की करें तो यहाँ से कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद को हार का मुँह देखना पड़ा है.

वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जगदंबिका पाल के बेटे अभिषेक पाल को बस्ती सदर सीट से चुनावी हार मिली है. कांग्रेस के गढ़ रहे अमेठी से अमिता सिंह चुनाव हार गईं. वे सुल्तानपुर से कांग्रेस सांसद संजय सिंह की पत्नी हैं.

केंद्रीय मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा भी उत्तर प्रदेश चुनाव में उम्मीदवार थे लेकिन वे तीसरे स्थान पर रहे.

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीटा बहुगुणा के भाई शेखर बहुगुणा को भी करारी हार का सामना करना पड़ा है.

जनक्रांति पार्टी के नेता कल्याण सिंह के बेटे राजवीर सिंह भी चुनाव नहीं जीत सके.

उधर नतीजों से पहले पंजाब में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार माने जाने वाले अमरिंदर सिंह के बेटे चुनाव हार गए हैं.

रनिंदर सिंह समाना से खड़े हुए थे. इसी सीट से टिकट न मिलने के कारण अमरिंदर सिंह के भाई मलिवंदर सिंह कांग्रेस छोड़कर अकाली दल में चले गए थे.

लेकिन कई चुनावी क्षेत्रों से राजनीतिक दिग्गजों के परिजनों को जीत भी हासिल हुई है.पंजाब में अकाली दल के नेता प्रकाश सिंह बादल के दामाद आदेश प्रताप सिंह कैंरो को जीत हासिल हुई है जबकि सुखबीर के साले बिक्रमजीत सिंह मजीठिया भी जीत गए हैं.

उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख अजित सिंह के बेटे जयंत सिंह भी जीत गए हैं.

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