इसराइली कार पर हमला: पत्रकार गिरफ़्तार

कार पर हमला (फ़ाइल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट PTI
Image caption कार पर हमला प्रधानमंत्री कार्यालय के समीप किया गया था

दिल्ली में गत 13 फरवरी को इसराइली दूतावास की गाड़ी पर हुए हमले के लिए एक पत्रकार सैयद मोहम्मद अहमद काज़मी की गिरफ़्तारी के बाद अदालत ने उन्हें 20 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है.

दिल्ली पुलिस ने काज़मी को मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट विनोद यादव की अदालत में पेश किया और तर्क दिया कि वो इसराइली कार पर हुए हमले का अभिन्न हिस्सा था इसलिए उनसे पूछताछ करना ज़रूरी है.

इसके बाद मजिस्ट्रेट ने उन्हें 27 मार्च तक के लिए पुलिस हिरासत में दे दिया.

'षडयंत्र में शामिल'

दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा के जाँचकर्ता का कहना है कि इसराइली कार पर हुआ हमला कोई दुर्घटना नहीं थी और ये हमला षडयंत्र के साथ किया गया था.

हालांकि अभियोजन पक्ष ने इससे अधिक कोई भी जानकारी देने से इनकार किया और कहा कि यदि सारी जानकारियाँ सार्वजनिक कर दी गईं तो हो सकता है कि मुख्य षडयंत्रकारी फरार हो जाए और पुलिस की पकड़ में न आए.

इसराइली दूतावास की गाड़ी पर हुए हमले में एक इसराइली राजनयिक की पत्नी और एक भारतीय ड्राइवर समेत चार लोग घायल हुए थे.

इसराइल ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है. हालांकि भारत की ओर से इस विषय में अभी कुछ नहीं कहा गया है.

कौन हैं आज़मी

सैयद मोहम्मद अहमद काज़मी 20 वर्षों से अधिक समय से एक स्वतंत्र पत्रकार हैं.

वे मीडिया स्टार न्यूज़ फ़ीचर नाम की एक फ़ीचर एजेंसी चलाते हैं और दिल्ली के ज़ोर बाग में उनका अपना कार्यालय है.

उन्होंने कल शाम सीरिया पर उन्होंने एक आलेख लिखा था. वे हाल ही में सीरिया की यात्रा पर गए थे.

वे ईरान का समर्थन करते रहे हैं और कई बार ईरान की यात्राएँ कर चुके हैं.

वे इंडिया इस्लामिक सेंटर में जनसंपर्क अधिकारी के रूप में भी काम कर चुके हैं.

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