मायावती की चुप्पी

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Image caption बहुजन समाज पार्टी ने पिछले विधानसभा चुनाव में 206 सीटें जीती थीं.

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती की खामोशी से राजनीतिक हलकों और राजभवन में हैरानी है.

विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिल गया है. 224 सीटों पर समाजवादी पार्टी को जीत हासिल हुई है जबकि बहुमत के लिए उसे 202 सीटों की दरकार थी.

बहुजन समाज पार्टी ने 80 सीटें जीती हैं, जबकि 47 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने सफलता हासिल की है. कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकदल को कुल मिलाकर 38 सीटें मिली हैं. उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं.

सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार के अनुसार सत्ताधारी पार्टी के चुनाव में हारते ही मुख्यमंत्री अपने पद से त्यागपत्र दे देते हैं.

इसके बाद राज भवन विधान सभा को भंग करके नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू करते हैं.

लेकिन राज भवन अधिकारियों का कहना है कि नतीजे आने के दूसरे दिन की सुबह तक भी मुख्यमंत्री मायावती ने राज भवन से संपर्क नहीं किया.

वहीं मायावती के एक अधिकारी के मुताबिक वो बुधवार दोपहर पत्रकारों को संबोधित करेगी.

नहीं आया कोई संदेश

पहले बहुजन समाज पार्टी कार्यालय से बताया गया था कि मुख्यमंत्री ने मंगलवार शाम साढ़े तीन बजे गवर्नर से मिलने का समय माँगा था.

गवर्नर तीन बजे के करीब बरेली से लौट आये, लेकिन मायावती न उनसे मिलने आयीं और न कोई सन्देश आया.

इससे पहले राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा था कि चूँकि वर्तमान विधान सभा का कार्यकाल 18 मई तक है. इसलिए मायावती हार के बावजूद तब तक सरकार चला सकती हैं.

लेकिन विधान सभा सचिवालय में जानकार लोगों का कहना है कि राज्य सभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है. इसलिए 30 मार्च से पहले विधान सभा भंग करनी ही होगी.

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