उत्तराखंड में सरकार बनाने के लिए बहुमत जुटाया: कांग्रेस

उत्तराखंड में खंडित जनादेश के बाद बुधवार रात को कांग्रेस विधायक दल की बैठक समाप्त हो गई है. कांग्रेस नेता हरीश रावत ने दावा किया है कि सरकार बनाने के लिए बहुमत जुटा लिया गया है.

देर रात तक चली बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित कर नेता का चुनाव कांग्रेस हाई कमान पर छोड़ दिया गया.

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा में से किसी को भी बहुमत नहीं मिला है. दोनों दलों की ओर से सरकार बनाने की जोड़ तोड़ जारी है.

कांग्रेस 32 सीटें हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है और सत्ताधारी भाजपा उससे सिर्फ एक सीट कम 31 विधायकों के साथ दूसरे नंबर पर है.

इस समीकरण में बागी, निर्दलीय और क्षेत्रीय दलों की भूमिका अहम हो गई है.रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस ने विधानसभा में जीतकर आए तीनों निर्दलीय विधायकों को दिल्ली ले लाया है.

बागियों की अहम भूमिका

मंत्रीप्रसाद नैथानी, हरीश दुर्गापाल और दिनेश धनै तीनों ही कांग्रेस के बागी नेता हैं जिन्हें टिकट नहीं मिला था और ये निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर विधानसभा में पंहुचे हैं.

ऐसी खबरें हैं कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय बहुगुणा और सतपाल महाराज इन्हें अपने साथ लेकर दिल्ली गए हैं.

मंत्रीप्रसाद नैथानी ने फोन पर कहा कि मैंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव नहीं जीता है और जैसा समर्थक कहेंगे मैं वैसा ही करूंगा.

अगर निर्दलीय कांग्रेस के साथ आ जाते हैं और उत्तराखंड क्रांति दल (पी) के एक विधायक का भी पार्टी को समर्थन मिल जाता है तो उसे 36 सीटों का सामान्य बहुमत मिल जाएगा.

उधर खबर है कि बीएसपी के तीनों विधायक भी दिल्ली में ही जमे हुए हैं. अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है.

वहीं उत्तराखंड के चुनाव प्रभारी राजनाथ सिंह ने बुधवार को देहरादून में पार्टी के सभी विधायकों से बाकायदा एक-एक कर बंद कमरे में मुलाकात की.

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