रेल बजट: तृणमूल में फूट, विपक्ष बजट से नाखुश

तृणमूल कांग्रेस
Image caption रेल बजट पर यूपीए की सहयोगी पार्टी तृणमूल कांग्रेस दो फाड़ में नजर आ रही है.

रेल बजट में यात्री भाड़ा बढ़ाए जाने के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस अपने ही दल के नेता और रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी के खिलाफ खड़ी नजर आ रही है.

रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी की ही पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने ट्विटर पर संदेश लिखकर यात्री भाड़ा वृद्धि पर एतराज जताया है.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “ऊंचे दर्जे के यात्री किराए में बढ़ोत्तरी शायद ठीक है पर सभी दर्जो के यात्री भाड़े में बढ़ोत्तरी पर सहमती नहीं जताई जा सकती है.”

तृणमूल कांग्रेस के ही एक अन्य नेता सुदीप बंधोपाध्याय ने भी भाड़ा बढ़ाए जाने का विरोध किया है और इसे तुरंत वापस लिए जाने की मांग की है.

उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी आम जनता के हित में काम करती आई. रेल मंत्री ने भाड़ा बढ़ाए जाने की चर्चा पार्टी से नहीं की थी. हम मांग करते है कि माल भाड़ा बढ़ोत्तरी वापस ली जाए.”

उधर विपक्षी दलों ने भी रेल बजट से नाखुशी जताई है.

विपक्ष

विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता यशवंत सिन्हा ने कहा है रेलवे का यात्री भाड़ा एकाएक ‘चोरीछुपे’ ढंग से बढ़ाए जाने से पहले से ही महंगाई से त्रस्त जनता पर बोझ बढ़ाएगा.

नए रेल बजट में पैसेंजर ट्रेनों में दो पैसा प्रति किलोमीटर, एक्सप्रेस ट्रेनों में पांच पैसा प्रति किलोमीटर, एसी चेयरकार में दस पैसा प्रति किलोमीटर, थर्ड क्लास एसी में दस पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोत्तरी की गई है.

वहीं सेकंड क्लास एसी में 15 पैसे प्रति किलोमीटर और फर्स्ट क्लास एसी में 30 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया बढ़ाया गया है.

यशवंत सिन्हा ने कहा कि सरकार ने रेलवे सुरक्षा पर सही चिंता जताई है लेकिन उससे निपटने के लिए जो उपाय निकाले गए हैं उनके बारे में कुछ नहीं कहा गया है.

त्रिवेदी ने लोकसभा में कहा था कि पिछले कुछ महीनों में हुए रेल हादसों को लेकर रेल मंत्रालय बेहद चिंतित है और दुर्घटनाओं के मामले कम करने के लिए एहतियातन कदम उठाए जा रहे हैं.

वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने रेल बजट पर आशावादी रूख अपनाते हुए कहा कि जो प्रस्ताव पेश किए गए हैं अगर उन पर उचित तरीके से कार्रवाई की गई तो रेलवे के सुधार में आसानी होगी.

'खाली डिब्बा'

वहीं पूर्व रेल मंत्री नीतीश कुमार ने नए रेल बजट को ‘खाली डिब्बा’ करार दिया.

उन्होने कहा, “रेल हादसे के मामलो में बढ़ोत्तरी आई है और रेल मंत्री ने इससे निपटने के जो उपाय बताए है वो भविष्य की ओर ताकते है. फौरी तौर पर किसी तरह के राहत की बात नहीं की गई.”

नीतीश कुमार ने कहा, “रेल बजट निराशाजनक है और इसमें आम आदमी के लिए कुछ नहीं है, उपर से यात्रा भाड़े बढ़ा दिए गए. ये बजट एक खाली डिब्बा है.”

तृणमूल कांग्रेस का नारा ‘मां, माटी और मानुष’ से अपने भाषण की शुरूआत करने वाले रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि साल 2012-13 के लिए रेल बजट 60,100 करोड़ रूपए निर्धारित किया गया है.

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