अखिलेश के शपथ ग्रहण के बाद धक्कामुक्की

समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव उत्तरप्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री बन गए हैं.

गुरूवार की सुबह राजधानी लखनऊ के ला मार्टिनियर मैदान में राज्यपाल बीएल जोशी ने 38 वर्षीय अखिलेश यादव को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.

शपथ ग्रहण के समय हजारों लोग मैदान में मौजूद थे और शपथ ग्रहण के फौरन बाद वहां अव्यवस्था फैल गई जब अखिलेश को बधाई देने के लिए सपा के सैंकड़ों कार्यकर्ता मंच पर आ गए.

इससे पहले कई बड़ी हस्तियों के बीच अखिलेश ने 47 दूसरे मंत्रियों के साथ शपथ ली.

मंत्रिमंडल के 47 सदस्यों में से 19 कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं जबकि 28 को राज्य मंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई है.

शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वालों में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उद्योगपति अनिल अंबानी और सुब्रत रॉय सहारा, फिल्म अभिनेत्री और सपा से राज्य सभा सांसद जया बच्चन के नाम प्रमुख हैं.

इसके अलावा मार्कसवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश करात, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव एबी बर्धन, कांग्रेस की तरफ़ से केंद्र में संसदीय कार्य मंत्री पवन बंसल और वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा, तृणमूल कांग्रेस की तरफ से केंद्र में पर्यटन राज्यमंत्री सुलतान अहमद, बहुजन समाज पार्टी की ओर से प्रदेश अक्ष्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य और पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए.

राजा भैया भी मंत्री

अखिलेश के बाद सबसे पहले आजम खान और उनके बाद शिवपाल यादव ने शपथ ली, इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि पार्टी में किसका स्थान क्या है.

आजम खान और अखिलेश यादव के अलावा निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैया को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया है.

प्रतापगढ़ जिले के कुंडा विधान सभा सीट से निर्दलीय विधायक राजा भैया पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. राजा भैया पहले भी मुलायम सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके हैं.

अखिलेश यादव ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा कुछ नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में जगह देने की कोशिश की है.

आईआईएम अहमदाबाद में अध्यापक रहे अभिषेक मिश्रा को भी मंत्री बनाया गया है. अभिषेक मिश्रा को अखिलेश के काफी करीबी समझा जाता है.

चुनावी राजनीति में पहली बार किस्मत आजमाने वाले अभिषेक मिश्रा ने लखनऊ से चुनाव जीता है.

समाज के हर वर्ग को मंत्रिमंडल में जगह देने की कोशिश की गई है लेकिन मुस्लिमों और यादवों को खास अहमियत दी गई है.

केवल एक ही महिला अरूणा कोरी को राज्य मंत्री बनाया गया है.

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