सपा ने 'हुड़दंगियों' को बाहर किया

अखिलेश यादव
Image caption मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने मंत्रिमंडल में कई पुराने दागी नेताओं को शामिल किया है.

समाजवादी पार्टी ने अपने उन दस पदाधिकारियों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है, जिन्होंने कल मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मंतिमंडल के शपथ ग्रहण समारोह में हंगामा और तोड़फोड़ की थी.

पार्टी प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने एक विज्ञप्ति में बताया इन पदाधिकारियों ने मंच पर चढ़कर अनेक लोगों के साथ उपद्रव किया और अशांति पैदा की. इसलिए अखिलेश यादव ने पार्टी अध्यक्ष के रूप में दस लोगों की पहचान करके उन्हें समाजवादी पार्टी से निष्कासित कर दिया है.

जिन लोगों को निष्कासित किया है उनके नाम हैं राम सहाय यादव, आबाद मंसूरी, नईम , रईस , शिव पूजन सिंह, सतीश कुमार सनी, जालिम सिंह, सत्तार यादव और बबलू अंसारी.

हंगामे के यह दृश्य टीवी न्यूज चैनलों द्वारा दिखाए गए और अखबारों में भी छपे. समझा जाता है कि इसी जरिये इन लोगों की पहचान की गयी.

एक और विज्ञप्ति में बताया गया है कि गाजियाबाद के सपा नेता नाहर सिंह एडवोकेट और रमेश यादव को भी समाजवादी पार्टी से निकाल दिया गया है. आरोप है कि इन लोगों ने वहाँ रोजगार दफ्तर के एक अधिकारी के साथ मारपीट की थी.

अनुशासन का पाठ

सरकार बनने के बाद कई जिलों से इस तरह की ख़बरें आई कि समाजवादी पार्टी के नेताओं ने चुनाव में साथ न देने वाले लोगों के साथ मार पीट की. यह भी ख़बरें आयीं कि जीत के जश्न में होटल में खाना खाया और पैसा दिए बिना चले गए.

सामाजवादी पार्टी के सर्वे सर्वा मुलायम सिंह यादव और प्रदेश अध्यक्ष के रूप में स्वयं अखिलेश यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि वे सत्ता में आने पर गुंडई और दबंगईं रोकेंगे. यह भी कहा था कि अगर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने कानून तोड़ा तो उनके खिलाफ भी कार्यवाही की जायेगी.

पर ऐसा लगता है कि पार्टी के कई नेताओं ने इस चेतावनी को गंभीरता से नही लिया. इसलिए अब अखिलेश यादव को अनुशासन का पाठ पढाने के लिए कड़ी कार्यवाही करनी पड़ रही है.

लेकिन अखिलेश यादव ने अपने मंत्रिमंडल में जिस तरह अनेक पुराने दागी नेताओं को शामिल किया है उससे लगता है कि उन्हें पार्टी के साथ साथ सरकार में भी अनुशासन कायम रखने में मुश्किल का सामना करना होगा.

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