रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी इस्तीफ़ा देंगे

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तृणमूल कांग्रेस के सांसद दिनेश त्रिवेदी के रेल मंत्री बने रहने को लेकर चल रही राजनीतिक ऊंहापोह खत्म हो गई है.

रविवार देर शाम दिनेश त्रिवेदी ने दिल्ली में एक पत्रकार वार्ता में ये स्पष्ट कर दिया कि पार्टी नेता ममता बनर्जी के निर्देश पर वे रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे देंगे.

14 मार्च को दिनेश त्रिवेदी ने रेल बजट पेश किया था और यात्री भाड़े में बढ़ोत्तरी की घोषणा की थी.

इसके बाद से ही ममता बनर्जी नाराज चल रही थीं. रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने प्रधानमंत्री को फ़ैक्स भेजकर कहा था कि वे दिनेश त्रिवेदी को पद से हटा दें.

लेकिन दिनेश त्रिवेदी ने तब से यही रुख अपनाया हुआ था कि उन्हें न तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने और न ही ममत बनर्जी ने इस्तीफ़ा देने को कहा है. उन्होंने कहा था कि वे जानने चाहते हैं कि इस्तीफ़ा देने की क्या वजह है.

लेकिन रविवार को दिनेश त्रिवेदी ने सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए औपचारिक रूप से इस्तीफा देने की बात कही.

उन्होंने कहा, "ममता बनर्जी का निर्देश स्पष्ट था कि ये निर्णय पार्टी का है. पार्टी के सिपाही होने के नाते मुझे पार्टी के अनुशासन का पालन करना होगा. मुझे यही प्रशिक्षण मिला है. मैं ममता बनर्जी, कैबिनेट और मनमोहन सिंह का शुक्रगुजार हूँ कि मुझे ये मौका मिला."

त्रिवेदी ने कहा कि इतने दिनों तक संशय की स्थिति इसलिए रही क्योंकि तृणमूल नेता सुनील बंदोपाध्याय ने कुछ और टिप्पणी की थी और दूसरे लोगों को कुछ और.

दिनेश त्रिवेदी ने बताया, "मुझे लगा कि बेहतर यही होगा कि मैं ममता बनर्जी से खुद बात करूँ और सच का पता लगाऊँ. उन्होंने स्थिति साफ कर दी. मैं उनका बहुत सम्मान करता हूँ."

रेलवे के अपने कार्यकाल में उनका कहना था, "रेलवे के हित में जो कुछ भी हो सका मैने अपनी ओर से पूरी कोशिश की. मैं रेलवे बोर्ड और 14 लाख रेल कर्मचारियों को भी धन्यवाद देना चाहता हूँ. अब ये देश की जिम्मेदारी है कि वो सुनिश्चित करें कि रेलवे अच्छी स्थिति में रहे. मैं रेलवे में सुरक्षा को लेकर चिंतित हूँ और इसीलिए मैने कुछ कदम उठाए थे."

त्रिवेदी ने इस बारे में कुछ नहीं कहा कि अगला रेल मंत्री कौन होगा. हालांकि अटकलों के मुताबिक मुकुल रॉय को ये पद मिल सकता है.

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