2जी:जेपीसी के सामने पेश होंगे राजा, बेहुरा

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Image caption पूर्व संचार मंत्री ए राजा और पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा जेपीसी के सामने पेश होना होगा.

टूजी घोटाले की जाँच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) ने तिहाड़ जेल में बंद पूर्व संचार मंत्री ए राजा और पूर्व दूरसंचार सचिव सिद्धार्थ बेहुरा को अपने समक्ष तलब करने का फैसला किया है.

बुधवार को जेपीसी के अध्यक्ष पीसी चाको ने समिति की बैठक के बाद समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “हमने राजा और बेहुरा को बुलाने का फैसला किया है. हालांकि राजा के पेश होने की तारीख अभी तय नहीं की गई है लेकिन बेहुरा को 11 अप्रैल को समिति के सामने बुलाया जाएगा”

बेहुरा इस समय तिहाड़ जेल में हैं इसलिए संसदीय समिति उनको पेश किए जाने के लिए जेल अधिकारियों को पत्र लिखेगी

जेपीसी इससे पहले भी तिहाड़ के अधिकारियों को बेहुरा को अपने समक्ष पेश होने के लिए पत्र लिख चुकी है, जिसके लिए सीबीआई की अदालत ने पिछले साल जुलाई में अनुमति भी दे दी थी. लेकिन समिति की ओर से उनका कभी बुलावा आया ही नही.

अवैध कामों की पड़ताल

समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि जेपीसी ने राजा को बुलाने का फैसला इसलिए किया है क्योंकि वह पूर्व मंत्री के कथित गैरकानूनी कामों की पड़ताल करना चाहती है.

समिति के एक सदस्य का कहना था कि समिति के समक्ष पेश हुए कुछ अधिकारियों ने सहमति जताई थी कि राजा ने पहले आओ, पहले पाओ की नीति पर फैसला करने में दूरसंचार विभाग और अधिकारियों की सलाह मानी. इसलिए उनके कथित अवैध कामों का पता लगाने के लिए यह ज़रूरी है.

संयुक्त संसदीय समिति ने बुधवार को जुलाई 2006 से फरवरी 2007 तक पूर्व संचार सचिव के पद पर रहे डीएस माथुर से भी पूछताछ की है.

इस मामले में राज्यसभा से डीएमके सांसद कनिमोड़ी और चार अन्य अभियुक्तों को ज़मानत मिल चुकी है.

डीबी रियेल्टी ग्रुप के डायरेक्टर राजीव अग्रवाल, केटीवी प्रबंध निदेशक शरद कुमार, स्वान टेलीकॉम के प्रमोटर आसिफ़ बलवा, और फ़िल्म निर्माता करीम मोरानी ज़मानत पर बाहर हैं.

लेकिन पूर्व संचार सचिव सिदार्थ बेहुरा को और राजा को ज़मानत नहीं मिली है.

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