2जी मामले में कनिमोड़ी हाई कोर्ट पहुंची

कनिमोड़ी (फाइल) इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption कनिमोड़ी इस मामले में जेल भी गई थीं लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई.

डीएमके प्रमुख एम करूणानिधि की बेटी और पार्टी सांसद कनिमोड़ी ने दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर 2जी मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज किए जाने की मांग की है.

याचिका में कहा गया है, "सभी आरोपों और सीबीआई की चार्जशीट को खारिज किया जाए. साथ ही साथ उन सभी कारवाहियों को भी खत्म किया जाए जो सीबीआई की चार्जशीट की वजह से शुरू हुई हैं."

इस मामले पर 26 मार्च को जस्टिस एमएल मेहता की अदालत में सुनावाई हो सकती है.

कनिमोड़ी और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा, जो डीएमके से ही तालुक्क रखते हैं, के खिलाफ आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोप लगाए गए हैं.

रिकार्ड

दिल्ली उच्च न्यायालय में दाखिल याचिका में कनिमोड़ी ने कहा है कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है और ऐसा कोई भी रिकार्ड मौजूद नहीं है जो उनके खिलाफ आरोपों को सही ठहरा सके.

अर्जी में कहा गया है कि इस मामले में कहीं ये नहीं कहा गया है कि एक पैसा भी उनके खाते में गया है या इससे उन्हें व्यक्तिगत तौर पर किसी तरह का फायदा पहुंचा है.

सीबीआई की विशेष अदालत ने पाया था कि डीएमके के टीवी चैनेल कलैगनार टीवी को शाहिद बलवा की कंपनी डीबी रियल्टी से 200 करोड़ रूपए प्राप्त हुए थे.

ऐसा कहा गया था कि ये धनराशि कंपनी को मिले 2जी लाइसेंस के बदले में दिए गए थे.

मात्र शेयरधारक

कनिमोड़ी ने कहा है कि सीबीआई ने आरोप लगाया है कि टीवी कंपनी को उक्त धनराशि दिसंबर 2008 और अगस्त 2009 के दौरान दिए गए. लेकिन उस दौरान वो कंपनी में मात्र 20 प्रतिशत की शेयर धारक थीं.

कहा गया है कि जज ने उनके मामले में जो आरोप तय किए है वो गलत हैं.

कनिमोड़ी पर आरोप है कि इस पूरे मामले में वो लगातार ए राजा से संपर्क में थीं और सब कुछ उनके इशारे पर ही हुआ था.

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