बादल बलवंत की 'फांसी' का मुद्दा केंद्र में उठाएँगे

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Image caption एसजीपीसी ने फांसी के आदेश के खिलाफ राष्ट्रपति से अपील करने का फैसला किया

पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि वे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से मिलकर बेअंत हत्याकांड में दोषी पाए गए बलवंत सिंह राजोआना की फांसी की सजा को माफ किए जाने की मांग उठाएँगे.

पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने राज्य की विधानसभा में बयान देते हुए ऐसा कहा है.

पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की वर्ष 1995 में एक आत्मघाती हमलावर दिलावर सिंह ने पंजाब-हरियाण सचिवालय की परिसर में धमाका करके हत्या कर दी थी.

इसके बाद चंडीगढ़ की एक अदालत ने इस हत्याकांड के सिलसिले में बलवंत सिंह को फांसी की सजा सुनाई थी जिसका उनके वकील ने ऊपरी अदालत में विरोध नहीं किया था.

लेकिन 31 मार्च को फांसी दिए जाने की तारीख करीब आने के साथ ही पंजाब के राजनीतिक और सिख धार्मिक-सामाजिक हलकों में बलवंत सिंह की सज़ा घटाए जाने या फिर इसे माफ कराए जाने की मांग बढ़ रही है.

'हर क़ानूनी, संविधानिक कदम उठाएँगे'

सिखों की धार्मिक मामलों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख़्त की ओर से, ऐतिहासिक सिख गुरुद्वारों की देखरेख करने वाली निर्वाचित सदस्यों की संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल की ओर से ऐसी मांग जोरशोर से उठाई जा रही है.

सोमवार को बादल ने विधानसभा में कहा, ''पंजाब सरकार द्वारा भाई राजोआना को क्लीमेंसी (माफ़ी) दिलाने से लिए हर संभव कानूनी और संविधानिक कदम उठाए जा रहे हैं. कानून के विशेषज्ञों के अनुसार भी उन्हें माफी दिलाना कानून और सविधान के मुताबिक ही होगा. इस संबंध में कई पुराने मुकदमे और मिसालें मौजूद हैं.''

उन्होंने कहा, ''भाई बलवंत सिंह को क्लीमेंसी दिलाने के लिए मैं स्वयं राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलूंगा.''

इससे पहले चंडीगढ़ की अदालत के फांसी की सजा दिए जाने के आदेश पर पाटियाला जेल के अधीक्षक लखविंदर सिंह जाखड़ ने चंडीगढ़ अतिरिक्त सेशन जज को पत्र लिखकर कहा था कि वो फांसी के आदेश पर अमल करने में असक्षम हैं क्योंकि 'ये मामला पंजाब राज्य के सीमाक्षेत्र में नहीं है.'

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