तेलंगाना के लिए आत्महत्याओं का सिलसिला फिर शुरू

Image caption तेलंगाना क्षेत्र की विधानसभा की छह सीटों के लिए हुए उपचुनावों में तेलंगाना समर्थकों की जीत के बाद से ही क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है

आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र में पृथक राज्य के समर्थन में आत्महत्याओं का सिलसिला एक बार फिर शुरू हो गया है.

वारंगल जिले में सोमवार को एक व्यक्ति ने तेलंगाना राज्य बनने में देरी के विरोध में आत्मदाह कर लिया. महबूबनगर जिले में एक और व्यक्ति की ऐसी ही कोशिश की जिसे नाकाम कर दिया गया.

बीते तीन दिन में ये इस तरह की दूसरी घटना है.

वारंगल जिले के हनमकोंडा कस्बे में राज्मौली नामक एक ऑटो ड्राइवर ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाई. उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. घटना ने इलाके में सनसनी और तनाव की लहर दौड़ा दी जहां दुकानें बंद कर दी गईं.

राज्मौली ने अपने पीछे एक पत्र छोड़ा है जिसमें उसने लिखा है कि तेलंगाना राज्य की स्थापना में होने वाली देरी से वो बहुत नाराज है और उसे लगता है कि राज्य तथा केंद्र सरकार तेलंगाना राज्य बनाना नहीं चाहतीं.

दो दिन पहले यानी शनिवार को भी इसी जगह पर एक और छात्र बोज्जा नायक ने भी पेट्रोल छिड़क कर खुद को आग के हवाले कर दिया था और उसकी भी मौत हो गई थी.

रविवार को उसकी अंत्येष्टि के दौरान हिंसा भड़की और गुस्साए छात्रों ने कांग्रेस के साथ-साथ तेलुगुदेसम के नेताओं के घरों पर पथराव किया.

बंद का आह्वान

सोमवार को हुई दूसरी घटना में महबूबनगर जिले के वानपर्ति कस्बे में एक युवक बी आर गौड़ ने भी अपने ऊपर केरोसिन डालकर आग लगा ली लेकिन वहां मौजूद लोगों ने आग फौरन बुझाकर उसे अस्पताल में भर्ती कराया जहां उस की हालत नाजुक है.

Image caption तेलंगाना राष्ट्र समिति ने मंगलवार को तेलंगाना बंद का आह्वान किया है

ताज़ा घटना के बाद तेलंगाना राष्ट्र समिति ने मंगलवार को तेलंगाना बंद का आह्वान किया है. इसे खुद कांग्रेस के तेलंगाना सांसदों और भारतीय जनता पार्टी समेत दूसरे दलों का भी समर्थन प्राप्त है.

तेलंगाना राष्ट्र समिति ने आत्महत्याओं की घटनाओं के विरोध में लोकसभा और विधानसभा की कार्यवाही रोक दी.

पार्टी विधायकों ने हैदराबाद में विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया और इन घटनाओं के लिए कांग्रेस के साथ तेलुगु देसम को जिम्मेदार ठहराया.

पिछले हफ्ते ही तेलंगाना क्षेत्र की विधानसभा की छह सीटों के लिए हुए उपचुनावों में तेलंगाना समर्थकों की जीत के बाद से ही क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और अलग राज्य की मांग जोर पकड़ रही है.

हालांकि इससे पहले भी तेलंगाना राज्य के समर्थन में आंदोलन के दौरान बड़े पैमाने पर आत्महत्या की घटनाएं हुई थीं, लेकिन बीते एक वर्ष के दौरान ये सिलसिला कुछ थम गया था. लेकिन अब एक बार फिर ये सिलसिला चल पड़ा है.

इसके साथ ही केंद्र सरकार पर इस बात के लिए दबाव बढ़ रहा है कि वो पृथक तेलंगाना राज्य की स्थापना की प्रक्रिया जल्द शुरू करे.

संबंधित समाचार