लोकसभा में टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव

Image caption अन्ना हजारे बीते रविवार नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर एक दिन के अनशन पर बैठे थे

लोकसभा ने मंगलवार को टीम अन्ना के खिलाफ निंदा प्रस्ताव मंजूर कर लिया है.

ये प्रस्ताव जनता दल (यूनाइटेड) के नेता शरद यादव ने रखा था जिसमें टीम अन्ना से कहा गया है कि वे संसद सदस्यों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने से बचें.

समाचार एजेंसियों के मुताबिक, इस प्रस्ताव को सदन ने यदि बहुमत से पारित कर दिया तो इसका आशय ये होगा कि टीम अन्ना के सदस्यों की आलोचना तो की जाएगी लेकिन विशेषाधिकार हनन के मामलों की तरह उन्हें सदन में तलब नहीं किया जाएगा.

उधर टीम अन्ना के अरविंद केजरीवाल ने कई सवाल उठाए थे और ये भी पूछा कि क्या संसद में 162 सदस्य जिनके खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं, उनके मामले फास्ट-ट्रेक अदालतों में नहीं चलने चाहिए?

'चलन बन गया है'

जनता दल यूनाइटेड के नेता शरद यादव का दावा है कि सांसदों पर हमला बोलना अब चलन सा हो गया है.

उन्होंने कहा, ''नेताओं को निशाना बनाने का चलन हो गया है. लोगों को अपने दायरे में रहना चाहिए.''

उन्होंने कहा, ''टीम अन्ना ने जो कहा, उसकी निंदा होनी चाहिए. उन्हें संसद में अच्छे लोग नजर नहीं आते. यहां कुछ लोग ऐसे हैं जिन्हें सांसद नहीं होना चाहिए. लेकिन यहां अनेक अच्छे लोग भी हैं.''

इससे पहले सोमवार को कई पार्टी के सदस्यों ने लोकसभा अध्यक्ष से कहा था कि सांसदों के विरुद्ध अनुचित टिप्पणियां करने के लिए टीम अन्ना के सदस्यों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया जाए.

अन्ना हजारे बीते रविवार नई दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर एक दिन के अनशन पर बैठे थे.

टीम अन्ना के एक सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि संसद की विश्वसनीयता खतरे में है क्योंकि इसके 162 मौजूदा सांसद के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं.

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