आयात घटाकर आत्मनिर्भर होने पर गंभीर विचार हो:सेनाध्यक्ष

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Image caption जनरल वीके सिंह रिश्वत की पेशकश के आरोप और सैन्य तैयारी पर चिट्ठी सार्वजनिक होने के बाद विवादों में हैं

विवादों में घिरे सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने कहा है कि भारतीय सेना के लिए 70 फीसदी उपकरण विदेशों से आयात होते हैं और गंभीरता से विचार करना होगा कि सेना की निर्भरता विदेशों में बने साजो-सामान पर घटाकर किस तरह से आत्मनिर्भर बना जा सके.

दिल्ली में डिफेंस एक्सपो में बोलते हुए जनरल वीके सिंह ने कहा कि लक्ष्य केवल 30 प्रतिशत उपकरणों का आयात और 70 प्रतिशत को देश ही में बनाने का होना चाहिए.

रिश्वत की पेशकश के आरोप और फिर प्रधानमंत्री को सैन्य तैयारी पर लिखे उनके पत्र के मीडिया में आने के बाद जनरल वीके सिंह पहली बार किसी सार्वजनिक मंच से बोल रहे थे.

सेनाध्यक्ष का कहना था, "भारतीय सेना घरेलु उद्योग को प्रोत्साहन देने के बारे में प्रतिबद्ध है ताकि देश सैन्य साजो-सामान के बारे में प्रतिबद्ध हो और आयात पर निर्भरता घटे जो बाद में समस्याएँ पैदा करने का कारण बनता है."

जहाँ उनके कथन से उपजे विवाद सुर्खियां बटोर रहे हैं, वहीं शुक्रवार तो जनरल वीके सिंह ने कहा कि उन्हें जो भी कहना था वो गुरुवार को बोल चुके हैं और उन्हें उसके आगे कुछ नहीं कहना है.

प्रेस बयान पर याचिका

सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने हाल में मीडिया में आरोप लगाया था कि उन्हें एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी ने 14 करोड़ रुपए की रिश्वत की पेशकश की थी.

इससे एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जो अभी थमा नहीं था कि सेनाध्यक्ष का प्रधानमंत्री को लिखा एक पत्र सामने आया जिसमें उन्होंने सेना की तैयारी और सैन्य साजो-सामान की उपलब्ध पर गंभीर सवाल उठाए थे.

रक्षा मंत्री एके एंटनी और सेनाध्यक्ष ने खुद भी इस पत्र के सार्वजनिक होने को 'देशद्रोह' की हरकत बताया.

उधर सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल तेजिंदर सिंह की सेनाध्यक्ष के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर कर रखी है. शुक्रवार को एक अन्य याचिका में उन्होंने कहा कि सेना उस प्रेस विज्ञप्ति को वापस ले जिसमें उनके खिलाफ आरोप लगाए गए हैं.

अदालत ने इस बारे में ये सुनिश्चित किए जाने का आदेश दिया कि क्या विज्ञप्ति वैध तरीके से आधिकारिक तौर पर जारी की गई थी. तेजिंदर सिंह का दावा है ये सरकार की ओर से एक नागरिक की मानहानि का मामला है.

पूरे प्रक्ररण पर भारतीय टीवी चैनल टाइम्स नाओ के साथ बातचीत में पूर्व रक्षा मंत्री और भाजपा नेता जसवंत सिंह ने कहा है कि प्रधानमंत्री को वायुसेना, थलसेना और नौसेना के अध्यक्षों से मुलाकात कर विवादित मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए.

भाजपा के मुख्तार अब्बास नक्वी का कहना है कि सेनाध्यक्ष पर दबाव बनाने की जगह सरकार को आरोपों की जांच करनी चाहिए.

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