जोधपुर में बच्ची को मिल ही गई उसकी माँ

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Image caption मामला जोधपुर के उम्मेद हॉस्पिटल का है.

जोधपुर में एक कन्या-शिशु को अपने माता-पिता का साथ पाने के लिए भले ही डीएनए टेस्ट से गुज़रना पड़ा हो लेकिन आखिरकार इस बात का फैसला हो गया है कि उसकी असल माँ कौन है.

दो परिवारों के बीच चल रहा विवाद तब निबटारे की ओर बढ़ा जब डीएनए जांच से यह पता चला कि बालिका की असल माता पूनम कँवर ही हैं जो इस बात को इससे पहले तक मान नहीं रहीं थी. यह मामला जोधपुर के प्रमुख अस्पताल उम्मेद हॉस्पिटल में 25 मार्च का है जहाँ दो शिशुओं का जन्म हुआ जिनमें एक लड़का और एक लड़की थी.

जिन महिलाओं ने इन बच्चों को जन्म दिया उनके नाम पूनम कंवर और रेशमी देवी हैं.

रातों रात जब कथित तौर पर इन बच्चों की भूलवश अदला-बदली हो गई तब इस कन्या-शिशु को अपनाने को लेकर विवाद पैदा हो गया था.

इस कन्या शिशु के माता-पिता उसे अपनाने को तैयार नहीं थे और उसकी जगह नवजात बालक पर हक़ जता रहे थे.

रक्त परीक्षण

अस्पताल ने शुरुआत में रक्त परीक्षण के ज़रिए मामले को हल करने की कोशिश की थी लेकिन लड़का लेने पर अड़े दंपति ने उसके परिणाम को मानने से इनकार कर दिया.

बालिका अस्पताल की नर्सरी में पड़ी रही थी जिसकी देखभाल उम्मेद हॉस्पिटल के कर्मचारी कर रहे थे.

लेकिन अब डीएनए जांच कि रिपोर्ट को उच्च न्यायालय में सौंपे जाने के बाद बालिका की असल माँ पूनम कँवर ने इस बात पर ख़ुशी जताई है और कहा है कि वह उसे स्वेच्छा से अपनाने को तैयार हैं.

जयपुर से स्थानीय पत्रकार त्रिभुवन ने बीबीसी को इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि मामले पर अंतिम फैसला उच्च न्यायालय देगा लेकिन फिलहाल के लिए यह स्थापित हो गया है कि इस कन्या-शिशु को जन्म देने वाली पूनम कँवर ही हैं.

त्रिभुवन ने इस बात की भी जानकारी दी है कि अस्पताल के जिन दो कर्मचारियों की गलती से यह घटना हुई थी उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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