दूरसंचार कंपनियों को लगा तगड़ा झटका

सुप्रीम कोर्ट
Image caption सुप्रीम कोर्ट ने सात कंपनियों की पुनर्विचार याचिका खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने 2-जी स्पैक्ट्रम मामले में अपने फैसले पर केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है.

लेकिन अदालत ने सात दूरसंचार कंपनियों और पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है. इन कंपनियों ने लाइसेंस रद्द करने के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की पुनर्विचार याचिका पर 13 अप्रैल को सुनवाई करने का फैसला किया है. सुप्रीम कोर्ट ने दो फरवरी को अपने फैसले में पहले आओ पहले पाओ की नीति को असंवैधानिक ठहराया था.

लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की उस पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें केंद्र ने अदालत से अपील की थी कि वो लोकसेवकों पर मुकदमे को मंजूरी देने के अपने फैसले पर फिर से विचार करे.

इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि शिकायत दाखिल करने से पहले लोकसेवकों पर मुकदमा चलाने को मंजूरी दी जा सकती है.

जस्टिस जीएस सिंघवी और जस्टिस केएस राधाकृष्णन ने कहा कि ए राजा की ये चिंता वाजिब नहीं पाई गई कि 2-जी लाइसेंसों को रद्द करने के बाद ट्रायल कोर्ट में उनके मामले पर पूर्वाग्रह हो सकता है

जिन कंपनियों की पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है, वे हैं- वीडियोकॉन टेलिकॉम्यूनिकेशंस लिमिटेड, एस-टेल लिमिटेड, सिस्टेमा श्याम टेलिसर्विसेज लिमिटेड, टाटा टेलिसर्विसेज लिमिटेड, यूनिटेक वायरलेस (तमिलनाडु) प्राइवेट लिमि़टेड, इतिसलात डीबी टेल्कॉम प्राइवेट लिमिटेड और आइडिया सेल्यूलर लिमिटेड.

खंडपीठ ने इन कंपनियों की पुनर्विचार याचिका रद्द करते हुए कहा, "हम सभी पुनर्विचार याचिकाओं पर सावधानी पूर्वक विचार किया. हम इस पर आश्वस्त हैं कि फैसले में कोई गलती नहीं हुई है इसलिए इस पर फिर से विचार नहीं होगा."

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस मामले में याचिकाकर्ता फिर से सुनवाई की मांग नहीं कर सकते और इस तरह ये पुनर्विचार याचिकाएँ खारिज की जाती हैं.

संबंधित समाचार