अख़बार की रिपोर्ट मूर्खतापूर्ण: सेनाध्यक्ष वीके सिंह

वीके सिंह
Image caption सेना प्रमुख वीके सिंह ने अखबार की रिपोर्ट को बेवकूफी भरा बताया है.

सेना की टुकड़ियों के दिल्ली कूच करने की इंडियन एक्सप्रेस में बुधवार को छपी खबर को सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने एक ‘मूर्खतापूर्ण रिपोर्ट’ बताया है.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और रक्षा मंत्री एके एंटनी ने भी इस खबर का बुधवार को खंडन किया था और इसे कोरी बकवास बताया था.

पीटीआई के अनुसार नेपाल में तीन दिवसीय यात्रा पर गए सेनाध्यक्ष ने पत्रकारों के पूछे जाने पर कहा, “ये रिपोर्ट बिल्कुल मूर्खतापूर्ण है.”

इंडियन एक्सप्रेस अख़बार ने बुधवार को बड़ी सी सुर्खी में खबर छापी कि जनवरी महीने की 16 तारीख की रात को सरकार को पूर्व सूचना दिए बिना दिल्ली के आस-पास सेना की दो टुकड़ियां जमा हुई थीं.

समाचार पत्र के संपादक शेखर गुप्ता की इस खबर में दावा किया गया था कि एक 'टेरर अलर्ट' घोषित किया गया, प्रधानमंत्री को 17 जनवरी को तड़के बताया गया और डायरेक्टर जनरल मिलिटरी ऑपरेशन्स से इन टुकड़ियों को वापस जाने का आदेश देने के लिए कहा गया.

सरकारी बयान

इसके बाद रक्षा मंत्री एके एंटनी ने अखबार की रिपोर्ट को आधारहीन बताते हुए कहा था कि सेना ऐसा कुछ भी नहीं करेगी जिससे लोकतंत्र को नुकसान पहुँचे.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी इसे एक भय पैदा करने वाली रिपोर्ट बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि किसी को भी ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे सेना प्रमुख के पद की गरिमा को हानि पहुंचे.

मनमोहन सिंह ने पत्रकारों से कहा, “ये भय पैदा करने वाली खबरें है. इन्हें उस तरह से नहीं देखा जा सकता है जिस तरह इन्हें छापा गया है.”

इधर समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस ने बयान में कहा, ''छह हफ्तों की जांच के बाद लिखी गई इस रिपोर्ट के लिए जानकारियाँ विश्वस्त सूत्रों से जुटाई गई हैं. इंडियन एक्सप्रेस ने सेना और रक्षा मंत्रालय को कुछ सवाल भेजे थे, जिनके जवाबों के आधार पर ही ये रिपोर्ट तैयार की गई. इंडियन एक्सप्रेस अपनी रिपोर्ट पर कायम है.''

आम तौर पर सेना की टुकड़ियों के अभ्यास की खबर सरकार को पहले से ही दी जाती है लेकिन अख़बार का दावा है कि इस मामले में ऐसा नहीं हुआ था.

अख़बार के प्रधान संपादक शेखर गुप्ता के नाम से छपी इस खबर में दावा किया गया है कि खुफिया एजेंसियों से जानकारी मिलने के बाद सरकार ने आतंकवाद संबंधी अलर्ट भी जारी किया था ताकि सड़कों पर यातायात को धीमा किया जा सके.

ये खबर उस समय छापी गई है जब सेनाक्ष्यक्ष वीके सिंह और सरकार के बीच रिश्ते में खिंचाव दिख रहा है.

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