हाफिज सईद की जाँच में पाकिस्तान की अनिच्छा दुर्भाग्यपूर्ण: कृष्णा

 शुक्रवार, 6 अप्रैल, 2012 को 13:35 IST तक के समाचार
हाफिज सईद

अमरीकी इनाम की घोषणा के बाद हाफिज सईद के समर्थकों ने नाराज़गी जताई है

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की भारत यात्रा के दो दिनों पहले विदेश मंत्री एसएम कृष्णा ने कहा है कि हाफिज सईद के मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों में शामिल होने के पर्याप्त सबूत पाकिस्तान को दिए जा चुके हैं.

पत्रकारों से चर्चा करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि जब तक इस पूरे मामले की न्यायिक जाँच नहीं होती जिससे कि जिम्मेदारी तय की जा सके, तब तक कुछ नहीं हो सकता, लेकिन ये दुर्भाग्यपू्र्ण है कि पाकिस्तान सरकार ने इस मामले में जाँच करना उचित नहीं समझा.


उन्होंने उम्मीद जताई है कि राष्ट्रपति जरदारी की भारत यात्रा के दौरान सभी मुद्दों सहित हाफिज सईद के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकेगी.

भारत कहता रहा है कि पाकिस्तान के चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैबा के पूर्व प्रमुख और जमात उद दावा के नेता हाफिज सईद मुंबई हमलों के 'मास्टर माइंड' थे.

इसके जवाब में पाकिस्तान हमेशा कहता रहा है कि भारत अगर सबूत उपलब्ध करवाएगा तो पाकिस्तान क़ानून सम्मत कार्रवाई करेगा.

इस हफ़्ते की शुरुआत में अमरीका की ओर से हाफिज सईद के बारे में सूचना उपलब्ध करवाने वाले को पचास करोड़ रुपए का इनाम घोषित से एक बार फिर ये मामला गरमा गया है.

भारत ने जहाँ इसका स्वागत किया है, पाकिस्तान में इस पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है.

'हर द्विपक्षीय मुद्दे पर बातचीत'

"हम लगातार दोहराते रहे हैं कि भारत के गृहमंत्री ने पाकिस्तान सरकार को जो दस्तावेज़ सौपे हैं, उनमें हाफिज सईद के ख़िलाफ़ सारे विवरण मौजूद हैं कि वे किस तरह से मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों के षडयंत्र और कार्रवाई में शामिल थे"

एसएम कृष्णा

विदेश मंत्री ने कहा, "हम लगातार दोहराते रहे हैं कि भारत के गृहमंत्री ने पाकिस्तान सरकार को जो दस्तावेज़ सौपे हैं, उनमें हाफिज सईद के ख़िलाफ़ सारे विवरण मौजूद हैं कि वे किस तरह से मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों के षडयंत्र और कार्रवाई में शामिल थे."

उनका कहना था कि पाकिस्तान के लगातार इनकार किए जाने से (मुंबई हमलों में शामिल) लोगों को निर्दोष साबित नहीं किया जा सकेगा.

ये पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की भारत यात्रा के दौरान हाफिज सईद के मसले पर भी बात होगी, उन्होंने कहा, "वैसे तो राष्ट्रपति जरदारी निजी यात्रा पर भारत आ रहे हैं, वे एक धार्मिक यात्रा पर अजमेर आ रहे हैं लेकिन चूंकि प्रधानमंत्री उन्हें दोपहर का भोज दे रहे हैं और दोनों नेताओं के बीच बातचीत हो रही है इसलिए मानना चाहिए कि दोनों देशों के हर मुद्दे पर चर्चा होगी."

हालांकि उन्होंने कहा, "ये कहना मुश्किल है कि मुद्दों पर कितने विस्तार से बातचीत हो सकेगी."

इस सवाल पर कि क्या पाकिस्तान को लेकर भारत का रवैया बहुत अधिक आशावादी नहीं है, उन्होंने कहा, "पाकिस्तान की विदेश मंत्री हिना रब्बानी खर ने अपनी भारत यात्रा के दौरान बातचीत में और बाद में मीडिया से भी कहा था कि पाकिस्तान में सोच बदल गई है और वे बदले हुए सोच के साथ आई हैं, तो मैं उन पर भरोसा करता हूँ और मानता हूँ कि दोनों देश आपसी मसलों को बातचीत से सुलझा सकेंगे."

इससे जुड़ी और सामग्रियाँ

इसी विषय पर और पढ़ें

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.