माओवादियों ने मांगे बढ़ाई

झीना हिकाका
Image caption इस मांग को पूरा करने के लिए माओवादियों ने ओडिशा सरकार को 10 अप्रैल तक का समय दिया है

माओवादियों ने बंधक बनाए गए लक्ष्मीपुर के बीजद (बीजू जनता दल) विधायक झीना हिकाका की रिहाई के लिए पांच और लोगों की रिहाई की मांग की है.

सीपीआई माओवादी आंध्र ओडिशा बॉर्डर स्पेशल जोनल कमिटी की और से कामरेड जगबंधु द्वारा मीडिया को जारी किये गए एक ऑडियो सन्देश में कहा गया है कि इस मांग को पूरा करने के लिए ओडिशा सरकार को 10 अप्रैल तक का समय दिया जा रहा है.

गौरतलब है कि अपनी माँगें पूरी करने के लिए माओवादियों द्वारा सरकार को इससे पहले दी गयी समय सीमा आज शाम ख़त्म हो रही है.

संदेश में जिन पांच लोगों की रिहाई मांग की गयी है वे हैं चद्रभूषण, गणनाथ पात्र, सुना पांगी, सिंगा नाचिका और वालसी वादेका. ये सभी इस समय कोरापुट जेल में बंद हैं.

माओवादी प्रवक्ता जगबंधु ने कहा कि अगर सरकार हिकाका को सही सलामत वापस पाना चाहती है तो 10 तारीख तक इन पाँचों को रिहा कर दे.

उन्होंने स्पष्ट किया कि पहले से सरकार द्वारा घोषित किये गए 27 नामों के साथ इन पांच लोगों को केवल जमानत पर रिहा करने पर्याप्त नहीं है बल्कि उनके खिलाफ मामले वापस लिया जाना जरूरी है.

'सरकार की समस्या'

जब उनका ध्यान मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के आज के उस बयान की तरफ खींचा गया कि इन लोगों को रिहा करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में थोड़ा समय लगेगा, तो उन्होंने कहा, "यह तो सरकार की समस्या है, हमारी नहीं."

जगबंधु ने कहा कि सरकार ने गुरुवार को जिन आठ लोगों को माओवादी बताते हुए उनकी रिहाई की घोषणा की थी, उनमें से केवल दो लोग ही माओवादी हैं जबकि बाकी छह लोग आम आदमी हैं. इस लिए सरकार को अपना बयान वापस लेना चाहिए.

उन्होंने कहा कि अपहृत विधायक हिकाका 'ठीक हैं और 10 तारीख तक ठीक रहेंगे'. अगर सरकार 10 तारीख तक इन सभी लोगों को रिहा नहीं करती 'तो फिर हम उसके बाद बात करेंगे.'

दूसरी तरफ मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कल माओवादी नेता सब्यसाची पंडा द्वारा लगाए गए इस आरोप का खंडन किया है कि सरकार माओवादियों द्वारा नियुक्त मध्यस्थों को तवज्जो नहीं दे रही. बजट सत्र के अंतिम दिन राज्य विधान सभा में दिए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि मध्यस्थों द्वारा सरकार को छह लोगों की सूची दी गई थी जिनमें से सरकार पांच को रिहा करने का निर्णय ले चुकी है.

अपील

मुख्यमंत्री ने इतालवी पर्यटक बोसुस्को पाओलो को सही सलामत रिहा करने के लिए माओवादी नेता पंडा से एक बार फिर अपील करते हुए कहा की इतालवी राष्ट्रदूत और कंसलेट जनरल भुवनेश्वर में बने हुए हैं और पाओलो की सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं.

इस बीच चासी मुलिया आदिवासी संघ ने आज कोरापुट जिले के नारायणपटना में एक सभा की और जेल में बंद सभी निर्दोष आदिवासियों के साथ संघ के सलाहकार गणनाथ पात्र की रिहाई की मांग की. संघ के अध्यक्ष नाचिका लिंगा ने कहा की सरकार पूरे जिले में बंधुआ प्रथा बंद करे और शराब पर पूरी पाबंधी लगाए.

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