'लाजमी था हाफिज सईद का मामला उठना'

 रविवार, 8 अप्रैल, 2012 को 19:27 IST तक के समाचार
जरदारी

जरदारी ने भारत के प्रधानमंत्री को पाकिस्तान आने का न्यौता दिया है.

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की मुलाकात के दौरान चरमपंथी संगठन लश्कर ए तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद का मामला उठना लाजमी था.

यह कहना है बीबीसी हिंदी के संपादक और पाकिस्तानी मामलों के जानकार अमित बरुआ का.

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एक बातचीत में उन्होंने कहा, ''हाफिज सईद का मामला काफी गंभीर मामला है. अमरीका ने जो अभी नया नोटिस जारी किया है उसके बाद हाफिज की दिक्कतें बढ़ सकती हैं क्योंकि हमको यह मालूम है कि वो खुले घूम रहे हैं, बयानबाजी कर रहे हैं, साक्षातकार दे रहे हैं.ऐसी स्थिति में उनका मुद्दा उठना लाजमी था.''

उन्होंने कहा कि कुछ मामलों को जिक्र करना दोनो देशों की कुछ मजबूरियां हैं और आज की मुलाकात में जो बयानबाजी हुई है वो इसी हिसाब से हुई है.

इस दौरे और मुलाकात का वे क्या अर्थ निकालते हैं?

''दोनों तरफ दिक्कते तो हैं लेकिन मोटी बात यह है कि आज भारत पाकिस्तान के संबंध इस तरह हैं कि जरदारी फोन करके कह सकते हैं कि मुझे अजमेर शरीफ जाना है. उसके साथ ही आधिकारिक दौरे का भी छोटे सा भाग जुड़ जाता है.''

उन्होंने कहा कि हिंदूस्तान-पाकिस्तान के बीच ऐसी मुलाकात में संभव है कि कोई ठोस नतीजा न निकले ''लेकिन जिस तरह के रिश्ते दोनों देशों में हैं इस स्थिति में अगर नेता लोग मिलते हैं और अच्छी बातें होती हैं तो मुझे नहीं लगता कि बुरी बात है.''

जरदारी ने भारत के प्रधानमंत्री को पाकिस्तान आने का न्यौता दिया है. तो क्या मनमोहन सिंह भी जल्द ही वहां जा सकते हैं?

अमित बरुआ ने कहा कि काफी दिनों से मनमोहन सिंह की इच्छा है कि वो पाकिस्तान जाएं. उन्होंने कहा कि जरदारी के दौरे की तर्ज पर सिख धार्मिक स्थल पर उनकी यात्रा आयोजित की जा सकती है.

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