जरदारी की दिल्ली में बातचीत और अजमेर में जियारत

जरदारी
Image caption आसिफ अली जरदारी भारत एक निजी यात्रा पर आए है, इसी दौरान वो भारतीय प्रधानमंत्री से भी मिले.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अजमेर में सूफी संत ख़्वाजा गरीबनवाज मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत की है.

बीबीसी संवाददाता विधांशु कुमार ने बताया कि राष्ट्रपति और उनके बेटे बिलावल ने अजमेर दरगाह पर चादर चढ़ाई है. वे लगभग 20 मिनट दरगाह पर रहे.

ऐसी खबरे हैं कि राष्ट्रपति ने दरगाह पर पांच करोड़ का दान भी दिया है.

केंद्रीय मंत्री पवन बंसल ने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से दरगाह पर चादर चढ़ाई.

इससे पहले जरदारी ने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से दिल्ली में मुलाकात की थी.

भारत के विदेश सचिव रंजन मथाई के अनुसार प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बातचीत के दौरान हाफिज सईद का मुद्दा उठाया

आतंकवाद और हफीज सईद का मुद्दा

दोपहर के भोजन के बाद जरदारी अजमेर के लिए रवाना हो गए.

मुलाकात खत्म होने के बाद दोनों नेताओं ने थोड़ी देर के लिए पत्रकारों को संबोधित किया.

भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि दोनों नेताओं ने तमाम द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत हुई है.

मनमोहन सिंह ने कहा कि राष्ट्रपति जरदारी से बहुत ही सौहार्दपूर्ण माहौल में रचनात्मक बातचीत हुई.

राष्ट्रपति जरदारी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि दोनों नेताओं के बीच बहुत ही लाभदायक बातचीत हुई.

तस्वीरों में: जरदारी की भारत यात्रा

जरदारी का कहना था, ''भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के पड़ोसी हैं. हमलोग भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं. हमलोंगों ने उन सभी मुद्दों पर बातचीत की जिनपर बातचीत की जा सकती थी.''

ज़रदारी ने मनमोहन सिंह को पाकिस्तान आने की दावत भी दी और उम्मीद जताई कि जल्द ही दोनों नेताओं की पाकिस्तान की धरती पर मुलाकात होगी.

इससे पहले भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि दोनों नेताओं ने तमाम द्विपक्षीय मुद्दों पर बातचीत की.

मनमोहन सिंह का कहना था, ''भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को प्रभावित करने वाले सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर राष्ट्रपति जरदारी के साथ दोस्ताना माहौल में बहुत ही रचनात्मक बातचीत हुई. इस मुलाकात से मैं बहुत संतुष्ट हूं.''

मनमोहन सिंह ने कहा कि दोनों देशों की ये ख्वाहिश है कि दोनों देशों के बीच संबंध सामान्य हों.

मनमोहन सिंह का कहना था कि दोनों देशों के बीच बहुत सारे मुद्दे हैं लेकिन दोनों नेता इस मुलाकात से यही संदेश देना चाहते हैं कि वे सभी मुद्दों का समाधान ढूंढना चाहते हैं.

हालाकि दोनों नेताओं के बीच किन-किन मुद्दों पर बातचीत हुई, इसका खुलासा नहीं हो सका है.

जरदारी के पाकिस्तान आने की दावत पर मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान जाकर बड़ी खुशी होगी और जल्द ही ऐसी तारीख तय की जाएगी जो दोनों पक्षों को स्वीकार हो.

गौरतलब है कि जरदारी निजी यात्रा पर भारत आएं हैं. वो अजमेर में सूफी संत ख्वाजा गरीबनवाज की दरगाह पर जियारत के लिए जाएंगे.

उनके साथ लगभग 40-50 लोगों का एक दल भी है जिनमें उनके बेटे बिलावल भुट्टो भी है.

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