मुस्लिमों की तरफ बढ़े ममता के हाथ

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Image caption ममता बनर्जी ने मदरसों को मान्यता देने की घोषणा की है

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को दस हजार मदरसों को मान्यता देने और रियायती दरों पर ऋण देने समेत राज्य के मुस्लिम समुदाय के लिए कई लोक-लुभावन घोषणाएं कीं हैं.

कोलकाता से बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टासाली का कहना है कि ममता बनर्जी ने प्रदेश में सरकार बनाने के कई महीनो बाद इस तरह की घोषणा की है, जबकि वह ऐसे कई वायदे चुनाव से पहले प्रचार के दौरान भी कर चुकी थीं.

ममता बनर्जी ने कहा, “हम 75 हजार विद्यार्थियों को कर्ज और वजीफा देंगे. पिछले साल करीब 52 हजार विद्यार्थियों को कर्ज और वजीफे दिए गए थे. सिर्फ इस जिले से मुस्लिम समुदाय के एक लाख बीस हजार विद्यार्थियों को कर्ज और वजीफे दिए जा चुके हैं.”

उत्तरी चौबीस परगना के बरासात में पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक विकास और वित्तीय निगम की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ने अल्पसंख्यक विभाग को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में 76 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी भी की है.

पश्चिम बंगाल में करीब 26 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं.

चुनावी घोषणा

चुनाव के दौरान ममता बनर्जी ने कहा था कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो वो मदरसों के विकास के लिए काम करेगी. लेकिन अभी तक उन्होंने अपना ये वादा पूरा नहीं किया था.

कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने ये भी कहा कि राज्य सरकार पूरे प्रदेश में दस हजार मदरसों अथवा इस्लामिक विद्यालयों को सरकारी मान्यता देगी.

उन्होंने कहा, “हम राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय का सम्यक विकास चाहते हैं. अगले तीन सालों में हम बंगाल को ऐसा राज्य बनाना चाहते हैं जहां कोई भूमिहीन नहीं होगा. हम राज्य में एक नया रोजगार बैंक बनाएंगे.”

उन्होंने कहा कि सरकार चौबीस परगना जिले में खेल के आधारभूत ढांचे का पुनर्निर्माण करना चाहती है.

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