सेना के पास गोला बारूद की कमी नहीं: एंटनी

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भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा है सेना के पास गोला बारूद कम होने की ख़बरें अफ़वाहें हैं और भारत किसी भी युद्ध के लिए 'पूरी तरह से तैयार' है.

रक्षामंत्री का बयान मीडिया में प्रकाशित ख़बरों के बाद आया है जिसमें कहा गया है कि सेना के अधिकारियों ने रक्षा मामलों की संसदीय समिति को बताया है कि सेना के पास टैंकों के लिए गोला-बारूद की कमी है.

इसके बाद समिति ने एक बड़ा फ़ैसला करते हुए सेना के तीनों प्रमुखों को 20 अप्रैल को समिति के समक्ष उपस्थित होने के लिए कहा है.

सेना के पास गोला-बारूद कम होने की बात सेनाध्यक्ष वीके सिंह के उस पत्र से शुरु हुई है जो उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखा था.

मीडिया में लीक हो गए इस पत्र में कहा गया है कि सेना के पास गोला बारूद की बहुत कमी है.

समिति का फ़ैसला

मीडिया में प्रकाशित ख़बरों के अनुसार वायुसेना और थलसेना के अधिकारियों ने संसदीय समिति को बताया है कि सेना के बाद टैंकों के लिए सिर्फ़ चार दिनों के लिए गोला बारूद का स्टॉक है.

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Image caption भारतीय सेना के पास गोला बारूद की कमी को कई विशेषज्ञों ने स्वीकार किया है

इससे पहले ख़बरें आईं थीं कि थल सेना के उपाध्यक्ष जनरल एसके सिंह ने भी संसदीय समीति को सूचित किया था कि सेना की तैयारियों में कई कमियाँ हैं.

इसके बाद संसदीय समिति ने फ़ैसला किया था कि सेना की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए सेना के तीनों प्रमुख को बुलाने का फ़ैसला किया था.

संसद की रक्षा मामलों की स्थायी समिति के सदस्य नरेश गुजराल ने बीबीसी से इस बात की पुष्टि की है और कहा है कि यह कदम इसलिए भी लिया गया है क्योंकि देश की सुरक्षा के मामलों में तैयारी पर उठाए गए सवाल 'चिंताजनक' हैं.

विवाद दर विवाद

पिछले कुछ दिनों से सेना कई वजहों से विवाद में रही है.

हालांकि इसकी शुरुआत सेना प्रमुख वीके सिंह के जन्मतिथि के विवाद से शुरु हुई थी लेकिन अब ये सेना की तैयारियों पर सवाल, भ्रष्टाचार और अनुशासन तक जा पहुँची है.

जन्मतिथि विवाद में सेनाध्यक्ष को लगे झटके बाद उन्होंने यह कहकर सनसनी फैला दी थी कि उन्हें सेना में विशेष तरह के ट्रक की आपूर्ति करने वाली एक कंपनी की ओर से घूस देने की पेशकश की गई थी.

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Image caption जनरल वीके सिंह इस वर्ष मई में सेनाध्यक्ष के पद से सेवानिवृत्त होने वाले हैं

सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी सीबीआई जाँच के आदेश दे दिए हैं.

इस बीच मीडिया में लीक हुए सेनाध्यक्ष वीके सिंह के पत्र ने एक और बवाल खड़ा कर दिया. प्रधानमंत्री को लिखे इस पत्र में कहा गया था कि सेना के पास हथियार और गोला-बारूद की बेहद कमी है.

रक्षामंत्री एके एंटनी ने राज्यसभा में स्वीकार किया था कि जनरल वीके सिंह ने ऐसा एक पत्र लिखा था. हालांकि उन्होंने इस पत्र का विवरण देने से इनकार किया था.

इस बीच दिल्ली से प्रकाशित होने वाले इंडियन एक्सप्रेस ने ख़बर दी कि सेना की दो टुकड़ियाँ 16-17 जनवरी को सेना मुख्यालय को सूचना दिए बिना दिल्ली की ओर कूच कर गई थीं.

सेना और सरकार की ओर से कहा गया है ये नियमित रुप से होने वाले अभ्यास का हिस्सा था और इसे सेना में बग़ावत की तरह देखना ठीक नहीं है.

लेकिन इसने भी एक विवाद तो खड़ा कर ही दिया है.

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